Jun 21 2019 /
5:36 AM

संसद के शीतकालीन क्षेत्र के पहले 21 दिन मोदी के खिलाफ एक मंच पर

दिल्ली। लगभग एक महीने तक चलने वाला संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार से शुरु हो रहा है। इसके एक दिन पहले मोदी सरकार की कार्यशैली, नीतियों के साथ संवैधानिक व स्वायत्त संस्थाओं में हस्तक्षेप के खिलाफ विपक्ष के 21 राजनीतिक दलों ने सोमवार को पार्लियामेंट एनेक्सी में बैठक कर आरपार की लड़ाई का फैसला लिया है। हालांकि यूपी से संबंधित दो बड़े राजनीतिक दल सपा और बसपा ने विपक्षी एकता की बैठक से दूरी बनाए रखी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सपा-बसपा के भी साथ आने का भरोसा जताते हुए कहा है कि एकजुटता को लेकर अभी प्रक्रिया शुरू हुई है और सभी प्रगतिशील सोच वाले दलों का सम्मान करते हैं उन्हें साथ लाने की कोशिश करेंगे। विपक्षी पार्टियां जल्द ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात भी कर सकती हैं। विपक्षी दलों को एकसूत्र में पिरोने वाले सूत्रधार चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि विपक्षी दलों की ऐतिहासिक बैठक रही। उन्होंने कहा कि हम सब दलों की ही नहीं सरकार के खिलाफ ये देश की आवाज है। मोदी सरकार स्वायत्त संस्थाओं पर हमला कर रही है और आरबीआई गवर्नर का इस्तीफा इसी हमले का नतीजा है।

देश का अल्पसंख्यक असुरिक्षत है उसकी रक्षा करेंगे। नायडू ने जल्द एक्शन प्लान तैयार करने के साथ संसद सत्र के दौरान सदन के अंदर और बाहर एकजुटता के साथ सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की घोषणा की।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से कहा हम सभी राजनीतिक दल आरएसएस और भाजपा के एजेंडे के खिलाफ एकजुट हुए हैं और इन्हें रोकने का काम करेंगे। राहुल ने फिर कहा कि मोदी सरकार में सभी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के साथ सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों को इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए किया जा रहा है जिसके खिलाफ सब मिलकर विरोध करेंगे।

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