Jun 20 2019 /
7:28 PM

कश्मीर में लगातार हत्याओं,केंद्र सरकार द्वारा कोई गंभीर प्रयास नहीं करने पर टॉपर आईएएस का इस्तीफा

श्रीनगर। बुधवार को जम्मू कश्मीर का एक घटनाक्रम पूरे देश मे चर्चा का विषय बन गया। सिविल सेवा परीक्षा में 2009 में देश भर में अव्वल रहने वाले पहले कश्मीरी होने की वजह से खबरों में रहे आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने इस्तीफा दे दिया.

उन्होंने कश्मीर में कथित रूप से लगातार हो रही हत्याओं और भारतीय मुसलमानों के हाशिये पर होने का आरोप लगाया. 35 साल फैसल ने फेसबुक पर संक्षिप्त बयान में लिखा कि उनका इस्तीफा,

”हिंदूवादी ताकतों द्वारा करीब 20 करोड़ भारतीय मुस्लिमों को हाशिये पर धकेलने की वजह से उनके दोयम दर्जे का हो जाने, जम्मू-कश्मीर राज्य की विशेष पहचान पर कपटपूर्ण हमलों और भारत में अति-राष्ट्रवाद के नाम पर असहिष्णुता और नफरत की बढ़ती संस्कृति के विरुद्ध है.”

ही में विदेश में प्रशिक्षण पाकर लौटे और पदस्थापना का इंतजार कर रहे फैसल ने कहा कि उन्होंने कश्मीर में लगातार हो रही हत्याओं के मामलों और इन पर केंद्र सरकार की ओर से कोई गंभीर प्रयास नहीं होने के चलते, भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया है.

फैसल ने केंद्र में बीजेपी नीत सरकार का नाम तो नहीं लिया लेकिन परोक्ष हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आरबीआई, सीबीआई और एनआईए जैसी सरकारी संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिससे इस देश की संवैधानिक इमारत ढह सकती है और इसे रोकना होगा. उन्होंने कहा,

”मैं दोहराना चाहता हूं कि इस देश में आवाजों को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और यदि हम सच्चे लोकतंत्र में रहना चाहते हैं तो हमें इसे रोकना होगा.” इसके बाद सोशल मीडिया पर दावे किये जाने लगे कि फैसल आगामी दिनों में नेशनल कान्फ्रेंस में शामिल होंगे.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर ने कहा कि उन्होंने फैसल का स्वागत केवल राजनीति में किया है. उन्होंने कहा, ”उनकी भविष्य की सियासी योजनाओं का ऐलान उन्हें करना है.”

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