मोक्षदायिनी गंगा में पानी कम, जल अलर्ट जारी

 वाराणसी: मोक्षदायिनी कही जाने वाली पवित्र गंगा नदी की प्रधानमंत्री मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में ये हालत हो गयी कि वहाँ उसका पानी कम हो गया है। इसके चलते पहली बार ऐसा हुआ है कि जलकल विभाग को पानी के लिए जल अलर्ट जारी करना पड़ा है. इस चेतावनी में शहरवासियों से कहा गया है कि पानी को बचाकर रखें, कम खर्च करें, क्योंकि आने वाले समय में हो सकता है कि जल की आपूर्ति ठप हो जाए या कमी आये. वाराणसी में जल की इस आपूर्ति की कमी गंगा से जुड़ी है क्योंकि बनारस की प्यास गंगा ही बुझाती है और आज स्थिति ये है कि गंगा खुद निर्जल होती जा रही हैं. उसमें पानी ही नहीं है.

इसलिए मास्क पहनकर किया था योग।

गंगा में कभी पानी की इतनी कमी नहीं रही है. इस साल गंगा में रेट के टाइल दूर-दूर तक नज़र आने लगे हैं कई जगहों पर तो सिर्फ घुटने भर पानी है. गंगा घाटों की सीढ़ियों को छोड़ कर नीचे खिसक गई हैं. गंगा में पानी की इस कमी की वजह से भदैनी स्थित पंप बंद हो गया है और दूसरे पंपों का भी हाल लगभग यही है. भदैनी स्टेशन के पास पानी की सप्लाई के लिए जो कुआं बनाया गया है उसमें पंप को 15 से 20 फुट तक डूबा होना चाहिये लेकिन गंगा में पानी की कमी होने के कारण कुएं में पानी बेहद कम हो गया है. पानी की कमी की वजह से तीन में से एक पम्प बंद कर दिया गया है जिससे पानी की आपूर्ति में कमी आई है.

इस समस्या पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक बीके सिंह कहते हैं कि गंगा का जल स्तर 200 फिट से नीचे नहीं होना चाहिये. यदि ऐसा होता है तो कहीं न कहीं जल संकट शुरू हो जाएगा. अब तक गंगा का जल स्तर 189 फिट तक दर्ज़ हुआ है लेकिन अभी तीन दिनों से इससे भी नीचे 187 फिर पर स्थिर है अगर जल स्तर नहीं बढ़ा तो हालत बेकाबू हो जायेंगे.’ माना जाता है कि गंगा दशहरा के बाद से गंगा के जल स्तर में वृद्धि होती है लेकिन गंगा दशहरा को बीते कई दिन हो गये गंगा का जलस्तर प्रतिदिन काम होता जा रहा है। नीतीश कुमार भी नाराज़ : बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी गंगा की स्थिति को लेकर नाराज़ है।

 

गत दिनों नीति आयोग की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने राज्य की समस्या रखने के बाद उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन को सलाह दी थी कि दिल्ली वापस जाकर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को बताए कि गंगा में गाद की समस्या का निवारण किए बिना जलमार्ग से कार्गो जहाज नहीं चला सकते। उन्होंने कहा कि गंगा नदी में जमी गाद की समस्या कितनी विकराल रूप लेती जा रही है उसका एक उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि जनवरी महीने से एक कार्गो जहाज बक्सर से 500 मीटर पहले फंसा हुआ है और उसे निकालने के लिए जो जहाज भेजा गया, वो 10 किलोमीटर पहले ही फंस गया।

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