आखिर कौन है मानवाधिकारों का असली दुश्मन:अरुण जेटली

 कश्मीर या नक्सल प्रभावित इलाकों में मानवाधिकारों का हनन कौन कर रहा है। इस सवाल पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ यूं ब्लॉग पोस्ट के जरिए अपना जवाब दिया और कांग्रेस पर निशाना साधा। जेटली ने कहा कि सच तो ये है कि मानवाधिकार संगठनों पर अल्ट्रा लेफ्ट विचार के लोगों ने अपना झंडा गाड़ दिया है। इस तरह के संगठनों के साथ त्रासदी ये है कि उन्हें निर्दोष नागरिकों के मानवाधिकारों की चिंता नहीं होती है जो लोग हिंसा के शिकार हो रहे हैं।

Who is Threatening Human Rights ब्लॉग पोस्ट के जरिए वो अपनी पीड़ा और गुस्से का इजहार करते हैं। जेटली कहते हैं कि आश्चर्य की बात है कि बात बात पर दुख जताने में आगे रहने वाले ये संगठन सुरक्षाकर्मियों की शहादत पर मौन हो जाते हैं। आंखों से एक बूंद आंसू नहीं टपकता है।

अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बड़े आश्चर्य की बात है कि उन्हें इस बात से लेना देना नहीं है कि वो किसका साथ दे रहे हैं। जेएनयू और हैदराबाद में भारत विरोधी नारे लगाने वालों से उन्हें खास हमदर्दी है। वित्त मंत्री ब्लॉग में लिखते हैं कि अगर ऐतिहासिक और वैचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी ने इस तरह के संगठनों का विरोध किया होता तो असहाय लोगों के दिलों में राहुल जगह बना पाने में कामयाब हुए होते।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आम आदमी पार्टी और टीएमसी में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें इन संगठनों में अपना भविष्य नजर आता है। ये लोग सामने और छिपकर अपने एजेंडे को चला रहे हैं। हमारी  सरकार का मुख्य एजेंडा आम लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा करना है चाहे वो आदिवासी समाज के लोग हों या कश्मीरी लोग।

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इंदौर