Jan 24 2019 /
12:15 PM

अब युवराज ने कहा, ‘माफ करो महाराज’

त्रिनेत्र

मि लॉर्ड
सुना है कि समंदर में रहने वालो को मगरमच्छो से बैर मोल नहीं लेना चाहिए
लेकिन यह बात —- इनको कौन समझाए ?
जैसा क्रिकेट के मैदान में होते आये है की
क्रीज पर 99 रन किसने बनाये इसका महत्व कम है सेंकड़े का रन जो बल्लेबाज बनाता है दर्शको के सामने बल्ला वही ऊपर करता है और तालिया भी वही बटोरता है

मध्यप्रदेश कि राजनीति में भी कुछ ऐसा ही हुआ है
मध्यप्रदेश की सियासी पिच पर महाराज सरकार के खिलाफ खूब पसीना बहाते रहे बाउंसर भी फेकते रहे

एक-एक दो-दो विकेट भी गिराते रहे बल्लेबाजी करते रहे बॉउंड्री बॉउंड्री मैदान नापते रहे लेकिन इतना सब कुछ करने के बाद भी स्कोर बोर्ड पर अपना नाम नहीं जड़वा पाये

संसद में युवराज के पास बैठकर महाराज आप अपने राजनैतिक कद का सियासी सन्देश कांग्रेसियो को भले ही देते रहे होंगे लेकिन सत्ता का सिंहासन हासिल करने में आप चूक ही गये महाराज

सुनिये महाराज
जैसे कि मध्यप्रदेश कि जनता ने कहा माफ़ करो शिवराज वैसे ही मुख्यमंत्री के नाम पर युवराज ने आपको कहा माफ़ करो महाराज

भाजपा का कमल जैसे ही मुरझाया तो इधर कांग्रेस का कमल मुस्कुराया और परदे के पीछे से ठाकुर ने ठहाका लगाया क्यों की राजनीति में जो दिखता है वह होता नहीं और जो होता है वह दिखता नहीं

मुस्कराहट कि बात चल पड़ी है तो आइए आपको एक बता देते है यह जो राजनीति है ना इसमें नेता को अभिनेता बनना पड़ता है इसमें जो दीखता है वही बिकता है

आप सोच रहे होंगे की में यह पाठ आपको क्यों पड़ा रहा हूँ
जी हां में इसलिए आपको आप को यह बात याद दिला रहा हूँ
क्यों की आप को अपने हाव भाव को छुपाना नहीं आता आपको अभिनय करना नहीं आता काश आप ने इस विषय में घोषणावीर से ट्रेनिंग ले ली होती

जो नेता कम अभिनेता ज़्यादा है इसी अभिनय की कला के चलते १५ साल तक राज पाट चलाते रहे राज पाट का एक मूल मंत्र है काम भले ही कम करो लेकिन उसकी मार्केटिंग ज़्यादा करो जैसा कि हमारे वीर करते रहे और आप अपने काम की तो छोड़ो आप अपनी ही मार्केटिंग में पिछड़ गए पीसीसी के दफ्तर में जब कमल को मध्यप्रदेश के नए नाथ बनाने कि घोषणा कि जा रही थी उस समय आपके चेहरे पर बच्चों जैसा गुसेल मिज़ाज तमतमाया चेहरा असहज भाव साफ़ तौर आपके मुख मंडल पर देखे जा रहे थे

वैसे भी पहले आपका मुक़ाबला सरकार से था अब आप ही के संगी साथियों से आप उन घाग लोगों के बीच में घिर गये हो जो आपके युवराज को भी अपने इशारों से चलाते है

जानकारो का मान ना है जो आपने समय का निवेश भले ही किया हो लेकिन इन्होंने साधन संसाधनों का निवेश किया आपने हार्ड वर्क किया इन्होंने स्मार्ट वर्क किया आप इमोशनल हो या सब प्रोफ़ेसनल है

आप भरोसे में बैठे रहे यह कमिट्मेंट लेकर मैदान में आए थे युवाओं कि पहली पसंद भले ही आप रहे हो लेकिन युवराज कि पसंद यह अनुभवी उम्रदराज़ ही रहे है आप जैसे जैसे दिखते हो वैसे हो और यह लोग जैसे दिखते है वैसे ——।

वैसे यह सरकार अपने तय समय तक चलेगी दौड़ेगी या रेंगेगी इस बात पर पूर्ण संशय बरक़रार है इंतज़ार कीजिये अगली किश्त का जिसमें नामजद बताएँगे किन लोगों ने किया शिव – का राज योग भंग : त्रिनेत्र नियम शर्तें लागू ।

वरिष्ठ पत्रकार राजा शर्मा से साभार

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