सेल्यूट इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह …

इंदौर के तेज़-तर्रार कलेक्टर मनीष सिंह को पूरे मध्यप्रदेश में मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट के लिए ख़ास तौर पर जाना जाता है।
फ़िलहाल इंदौर जिन विपरीत हालातों से गुज़र रहा है, वह जग ज़ाहिर है।

महामारी की विभीषिका के दौर में केन्द्र और राज्य सरकारें लगभग बेक फ़ुट की मुद्रा में नज़र आ रही हैं। न पर्याप्त धनराशि और न ही संसाधन। एक तरफ आम जनमानस का आक्रोश तो दूसरी तरफ सरकार का ‘ऑल इज वेल’ के सूत्र वाक्य का संतुलन बनाकर रखना। इन सबके बीच इंदौर कलेक्टर के मैनेजमेंट को दाद देना होगी।

एक-एक ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए मनीष सिंह जिस जद्दोजहद से लगे हुए हैं, वह उनकी जीवटता, संवेदनशीलता और कुशल प्रशासक होने का द्योतक है। एक सिलेंडर किसी की ज़िंदगी बचा सकता है। सरकार सिर्फ दावा करती है। दूसरी तरफ़ अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई है। ऐसे में कलेक्टर मनीष सिंह उद्योगों और छोटे-छोटे कारोबारियों से ऑक्सीजन सिलेंडर इकट्ठा करवा रहे हैं। इसे कहते हैं एक-एक साँस बचाने के लिए संघर्ष।


मनीष सिंह की यह कार्यप्रणाली महज एक उदाहरण है। महामारी के दौरान वे ऐसे अनेक काम कर रहे हैं। अलसुबह से देर रात तक यह अफ़सर लोगो की जान बचाने में जुटा हुआ है। जनहित के लिए साम,दाम,दंड,भेद इस्तेमाल करने में उनका कोई सानी नहीं है।

मनीष सिंह की कुशल कार्यप्रणाली अन्य आईएएस अफ़सरों के लिए भी नज़ीर बन सकती है। यक़ीनन मनीष सिंह नहीं होते तो शायद इंदौर में भी राँची की तरह सड़कों को श्मशान बनाना पडता। मनीष सिंह ईश्वर आपको इसी तरह ताक़त देता रहे…
मेरी और इंदौर की जनता की तरफ़ से सेल्यूट टू मनीष सिंह…

  • वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र वैद्य की सोशयल मीडिया पोस्ट से साभार
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