Sep 23 2019 /
10:24 AM

वो पांच पांडव….. यहां तीन नेताओं का तांडव… अब कांग्रेस बनी द्रौपदी का होगा चीरहरण

वो चोर है, हम सिरमौर है… वो बेईमान है, हममें ईमान है… वो खोटा है, हमसे छोटा है और पता नहीं क्या-क्या संदेश देते कमलनाथ के मंत्री उमंग सिंघार अपने ही दल के नेताओं के चरित्र का श्रृंगार किए जा रहे हैं…

लंगडी सरकार को टेका लगाने के बजाय जमीन सरकाने के सारे प्रयास किए जा रहे हैं… जो बात कान में कही जानी चाहिए वो भोंपू बजाकर सुना रहे हैं… विरोधी भाजपाई सरकार सरकाने का मौका पा रहे हैं…

जो आरोप बातों से लगाते थे, उसके लिए भी सबूत पा रहे हैं… बेचारे कमलनाथ तो कहीं इस तांडव में नजर ही नहीं आ रहे हैं… यदि दिग्गी उनके अधिकारों में सेंध लगा रहे हैं तो आपत्ति उन्हें उठाना चाहिए….

उनके मंत्रियों को बिलबिलाना चाहिए… लेकिन सरकार की मजबूरियों को समझते, बैसाखी की स्थिति को परखते न कमलनाथ कुछ बोल रहे हैं और न उनके समर्थक मंत्री डोल रहे हैं…

संतुलन की राजनीति करते कमलनाथ को डगमगाने और लुढ़काने का प्रयास सिंधिया समर्थक इसलिए कर रहे हैं, ताकि सोनिया तक संदेश जाए… या तो सिंधिया का वजन बढ़ाया जाए या सरकार को ही गिराकर नाथ और दिग्गी का रुतबा घटाया जाए….

लेकिन सिंधिया समर्थक और सिंघार समझ नहीं पा रहे हैं कि वो सरकार को नहीं उन सारे कांग्रेसियों को बलि चढ़ा रहे हैं, जिन्होंने 15 साल के वनवास के बाद अपना घर बसाया है… अपनी मिट चुकी छवि को संवारने का मौका पाया है…

भाजपा सरकार में पड़े लात-घूसों का दर्द मिटाने का वक्त आया है… बड़ी मुश्किल से पहचान पाने का अवसर पाया है… यह अवसर भी बैसाखियों पर डोल रहा है… जरा-सी हवा चली और तख्त पलट जाएगा…

फिर सवाल पूछने वाला कोई और हो जाएगा और जवाब देने की मजबूरियों से सबका पाला पड़ जाएगा… इसलिए बवाल मत मचाओ…. हवाओं के रुख को समझने में दिमाग लगाओ….

कमलनाथ बेहतर सरकार चला रहे हैं…. लुट चुकी कांग्रेस की इज्जत को बड़ी मुश्किल से संवार रहे हैं…. महाभारत में पांच पांडवों के कारनामों ने द्रौपदी को जलील किया था….

प्रदेश में तीन नेताओं का तांडव कहीं कांग्रेस को द्रौपदी न बना डाले और ताक में बैठे भाजपाई दुर्योधन बनकर फिर कांग्रेस को वनवास पर न भिजवा डालें….

-सांध्य दैनिक अग्निबाण के प्रधान सम्पादक राजेश चेलावत की खरी-खरी से साभार

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