जनता आपको क्यों आर्शीवाद दे मामा जी

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान 14 जुलाई शनिवार से उज्जैन की महाकाल नगरी से मप्र में जन आर्शीवाद यात्रा पर निकल रहे है।

इसमें वे तकरीबन 13 साल का शासन करने के बाद प्रदेश भर का दौरा कर सभाएं लेकर जनता से पुन: सत्ता में वापसी का आर्शीवाद लेने की मंशा रखते है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रदेश की जनता उन्हें क्यों आर्शीवाद दें? क्या इसलिए कि मप्र पूरे हिंदुस्तान में बलात्कार के मामले में सिरमौर है?

रोजाना किसी न किसी न किसी शहर या कस्बे, गांव में मासूम बच्चियां, नाबालिग रेप और कहीं कहीं तो रेप के बाद हत्या का शिकार हो रही है।

ऐसी वारदातों को रोक पाने में असफल सरकार की पुलिस इतनी निकम्मी हो गई है कि इंदौर के द्वारकापुरी की एक युवती जो छेड़छाड़ व आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने का शिकार होती है, उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखती और वह फांसी देकर जान देने पर मजबूर हो जाती है।

क्या इसलिए भी शिवराज को प्रदेश की जनता आर्शीवाद दे कि प्रदेश में हर रोज किसान कर्ज व अन्य तमाम कारणों से आत्महत्या कर रहा है?

सरकार समय समय पर किसानों के हित में तमाम योजनाएं लागू करने के दावे कर रही है, लेकिन इसके बाद भी यदि किसान लगातार आत्महत्या करने पर मजबूर है तो इसके पीछे क्या कारण है?

क्या इसलिए प्रदेश की जनता उन्हें आर्शीवाद दे कि मप्र में सबसे महंगा पेट्रोल डीजल बिक रहा है, क्योंकि अन्य राज्यों की अपेक्षा मप्र सरकार ने इस पर सर्वाधिक टेक्स लगा रखा है?

क्या इसलिए उन्हें आर्शीवाद दिया जाए कि व्यापमं घोटाले के कारण सैंकड़ों की संख्या में अपात्र लोग फर्जी तरीके से परीक्षाएं देकर डाक्टर से लेकर न जाने कौन कौन से पद पर आसीन हो गए है?

क्या इसलिए उन्हें आर्शीवाद मिलना चाहिए कि खनन माफियाओं ने न केवल मां नर्मदा नदी को अवैध खनन से खोखला कर दिया है बल्कि मप्र में मकान बनाना इतना महंगा हो गया है कि जो रेत पहले जिस भाव में आती थी उससे कई गुना अधिक भावों में बिक रही है?

क्या शिवराज को इसलिए भी आर्शीवाद मिलना चाहिए कि उन्होंने बिना वजह शासकीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 62 साल कर दी, जिसके चलते नौकरी के भटक रहे प्रदेश के बरोजगारों को और दो साल के लिए रोजगार के अवसर समाप्त हो गए? या इसलिए दे कि अपने हक के लिए लड़ रहे किसानों पर पुलिस गोलियां चलाती है और 5 किसान मारे जाते है।

किसानों की हत्या करने वालो पर कार्रवाई तो दूर, इसमे निलम्बित किये गए अफसर बहाल होकर क्रीम पोस्टिंग पाते हैं? इस तरह के सवाल तो बहुत है लेकिन ये चंद ऐसे सवाल है जिनका जवाब हर आदमी चाहता है।

इसके बावजूद भी जनता क्या शिवराज को फिर से अगले विधानसभा चुनाव में आर्शीवाद देगी यह तो समय बताएगा….।
बकलम- तेजकुमार सेन

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इंदौर