जॉब के नाम पर 10 रूपये का रजिस्ट्रेशन दिखाकर हजारो रूपये अकाउंट से निकालने वाला सायबर सेल इन्दौर द्वारा किया गिरफ्तार

इंदौर। जॉब के नाम पर 10 रूपये का रजिस्ट्रेशन दिखाकर हजारो रूपये अकाउंट से निकालने वाले को राज्य सायबर सेल इन्दौर द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम जसप्रीत सिंह सचदेवा पिता कुलदीप सिंह सचदेवा निवासी- दिल्ली है। उसने विज्ञान विषय से स्नातक किया है, एवं कम्प्यूटर का जानकार है।एसपी सायबर सेल जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी दिल्ली मे रहकर फर्जी काल सेन्टर के माध्यम से लोगो को अपना शिकार बनाते है।

आरोपी shine.com से नौकरी ढूढने वाले लोगो का डाटा प्राप्त करते थे। shine शब्द का प्रयोग करके फर्जी बेव साइट तैयार करते थे। इनके द्वारा shineworkjob.in व shinedreamjobs.com नाम से फर्जी बेव साइट तैयार की गई थी।

shine.com पर resume अपडेट करने वाले लोगो को फोन लगाकर जॉब का ऑफर देते थे और फाइल आगे बढाने के नाम पर shineworkjob.in वshinedreamjobs.com पर रजिस्ट्रेशन करवाते थे। रजिस्ट्रेशन के लिए बेव साइट पर 10 रूपये का पेमेन्ट कराया जाता था जिसके लिए बेव साइट पर अकाउंट/कार्ड डिटेल देनी होती थी। अकाउंट / कार्ड डिटेल बेव साइट के “सी पेनल” मे सेव हो जाती थी।

आरोपी “सी पेनल” मे से अकाउंट / कार्ड डिटेल का प्रयोग करके अपने PAYTM वालेट मे हजारो रूपये का ट्रान्जेक्शन कर लेते थे। ट्रान्जेक्शन के लिए अकाउंट/कार्ड होल्डर से बेव साइट पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर ओटीपी की जानकारी ले लेते थे।

इस सम्बंध में फरियादिया सृष्टीराज को HDFC, CITI BANK जैसी कंपनियो मे जॉब का ऑफर दिया गया था। इसमे 10 रूपये के रजिस्ट्रेशन को बेव साइट पर दिखाकर फरियादिया के खाते से 14,999 रूपये निकाल लिए गए थे। इंदौर सायबर सेल में इसकी शिकायत की गई।

उन्होंने बताया कि आरोपी जसप्रीत सिंह सचदेवा पूर्व में सायबर सेल भोपाल के उक्त रीति के अपराध में भी गिरफ्तार हो चुका है व वर्तमान में भोपाल जेल में निरुद्ध है। राज्य सायबर सेल जोन इंदौर द्वारा आरोपी जसप्रीत सिंह सचदेवा को प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाया गया। इस मामले में आरोपी जसप्रीत सिंह सचदेवा के अन्य साथीगण फरार है।

जसप्रीत हिन्दी एवं पंजाबी फिल्मों एवं गानों की शूटिंग के लिये विदेशों में लोकेशन की व्यवस्था का काम भी करता था।
इस मामले में भोपाल में साइबर सेल द्वारा पूर्व में गिरफ्तार आरोपिया गजल शाहना द्वारा बताया गया था कि जसप्रीत सिंह सचदेवा ने अपने मकान में ही ऑफिस बनाकर पार्टनर सोनल राठौर के साथ मिलकर काॅल सेंटर के माध्यम से इस तरह की ठगी लोगो के साथ करते थे।

आरोपी जसप्रीत पकड़े जाने के पहले विदेश में अपनी पत्नि से मिलने के लिये जार्जिया भागने की फिराक में था।

उक्त प्रकरण के अनुसंधान मे आरोपियो की पतारसी मे निरीक्षक राशिद अहमद, उप निरीक्षक विनोद सिहं राठौड, उप निरीक्षक रीना चौहान, उप निरीक्षक आमोद सिंह राठौर, उप निरीक्षक पूजा मूवेल, प्रधान आरक्षक मनोज राठौर, आरक्षक गजेन्द्र सिहं राठौर, आरक्षक विवेक मिश्रा, विजय बडोदकर, रमेश भिडे, राहुल सिंह गौर, विशाल महाजन एवं दिनेश सौराष्ठ की भूमिका रही।

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