Oct 21 2019 /
1:28 AM

इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाली दिल्ली की तीन सदस्यीय गैंग इंदौर सायबर सेल की गिरफ्त में

इंदौर। इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाली दिल्ली की तीन सदस्यीय गैंग इंदौर सायबर सेल की गिरफ्त में आई है।

इनके द्वारा इन्दौर निवासी 75 वर्षीय वृध्द से 65 लाख रूपयेे धोखाधडी की गई। इनके नाम वरूण कुमार उर्फ अभिषेक सिंह उर्फ अभिषेक मिश्रा, उर्फ इंदरसिंह, उर्फ सूरज राय पिता चंद्रकिशोर सिंह, पता – के 140 गली नं. 9 राजपुरी उत्तम नगर, दिल्ली, सुमित कुमार उर्फ दीपक कुमार भारती पिता विजय कुमार पता. ए 5 बी/6, भारत वाली गली, विकास नगर, नई दिल्ली और जितेन्द्र शर्मा उर्फ रोनक कुमार साहू, पिता – श्री जितेन्द्र शर्मा, पता. डब्ल्यूजेड 89, संत नगर, तिलक नगर, नई दिल्ली है।

सायबर सेल एसपी इंदौर जितेंद्र सिंह ने बताया कि अलग-अलग कम्पनियों के नाम से फर्जी रबर स्टैम्प बनाकर आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे। इन्होंने फर्जी नाम पते से फर्जी पेन कार्ड एवं मतदाता परिचय पत्र व ड्रायविंग लायसेंस भी बनवा रखे थ
थे।

ये फर्जी कम्पनियां बनाकर इन्कम टैक्स रिटर्न भरते थे। उन्होंने बताया कि फरियादी हरिकृष्ण शुक्ला निवासी- 28-29, सी सेवा सरदार नगर पलासिया, इन्दौर की शिकायत की जाॅच पर से अपराध कायम किया गया।

टीम द्वारा फरियादी के बैंक अकाउण्ट से ट्रांसफर हुए रूपयों की तकनीकी जाॅच एवं सूक्ष्म विश्लेषण द्वारा दिल्ली जाकर पतारसी की गई।

टीम को सफलता उस वक्त मिली, जब गिरोह के तीन मुख्य आरोपी फर्जी नाम पते से जनकपुरी, दिल्ली में लोन दिलाने के नाम पर टेली काॅलिंग का आॅफिस चलाते पकड़े गए।

टीम द्वारा लगातार 07 दिनों से दिल्ली में रहकर आरोपियों के आॅफिस के बाहर टेली मार्केटिंग का जाॅब करने के नाम पर लगातार रेकी कर उनकी दिनचर्या व उनके बार में गोपनीय जानकारी प्राप्त कर उनके आॅफिस में दबिश देकर पकडकर इन्दौर लाया गया।

इन्होंने पूछताछ में बताया कि हम लोग अपनी पहचान को छुपाते हुए अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम पतों से जाली वोटर आइडी कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस बनवाते थे, और उन्ही फर्जी दस्तावेजों से फर्म/कम्पनियां बनाकर कम्पनियों के नाम से फर्जी करंट एवं सेविंग बैंक खाते खुलवाते थे।

इन फर्जी बैंक खातो में इनके अन्य साथियों के द्वारा फोन लगाकर इंश्योरेंस पाॅलिसी के नाम पर अतिरिक्त लाभ देने का लालच देकर इंदौर के 75 वर्षीय वृध्द फरियादी हरिकृष्ण शुक्ला से विभिन्न पाॅलिसियों के नाम पर लाखों रूपये डलवाये गये थे। जिन्हे आरोपियों द्वारा अपने एटीएम कार्ड एवं सेल्फ चेक के माध्यम से केश विड्रोल कर अपना अपना हिस्सा बाट लेते थे।

आरोपियों द्वारा पूछताछ में यह भी बताया गया कि वह इन फर्जी नाम पतो पर बनी कम्पनियों के इन्कम टैक्स रिटर्न भी फर्जी तरीके से भरवाया करते थे।

उक्त प्रकरण का खुलासा करने में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई, रामपाल मनोज राठौर एवं आर0 रमेश भिडे, गजेन्द्र सिह राठौर, राकेश बामनिया, दिनेश सौराष्ठ की भूमिका रही।

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