OLX पर फर्जी तरीके से सुरक्षा बलों के अधिकारी/कर्मचारी बन, करोड़ों की ठगी करने वाले दो ठग इंदौर में गिरफ्तार

इंदौर। ऑनलाइन OLX पर फर्जी तरीके से सुरक्षा बलों के अधिकारी/कर्मचारी बनकर क्रय-विक्रय के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो ठग को क्राइम ब्रांच ने इंदौर में गिरफ्तार किया है।

इन्हें राजस्थान के भरतपुर, अलवर व म0प्र0 के भिण्ड जिले से दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र, एएसपी क्राइम अमरेंद्र सिंह के अनुसार पकड़े गए दो आरोपियों के नाम गोकुल प्रसाद पिता राधेलाल उम्र 48 साल नि. पवनकुंज कालोनी कामा भरतपुर राजस्थान व विकास कुशवाह पिता रामअवतार कुशवाह उम्र 20 साल निवासी ग्राम माता का पुरा गोहद भिंड है। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।

वारदात तरीका –

ओ.एल.एक्स. के विज्ञापन में उत्पाद के फोटो सहित संपंर्क हेतु मोबाईल नम्बर लेख किये जाते हैं। खरीददार व्यक्तियों द्वारा जब उत्पाद को खरीदने के लिये दिये गये मोबाईल नम्बर पर संपंर्क किया जाता है तब कॉल रिसीव करने वाले अज्ञात व्यक्ति, स्वयं को आर्मी, सी.आई.एस.एफ. एवं अन्य डिफेन्स फोर्सेस का कर्मचारी होना बताते हैं तथा खरीददार का भरोसा जीतने के लिये उसको फर्जी तरीके से बनाए गये डिफेन्स सर्विसेस के आई.डी. कार्डस्‌ आदि की प्रति भेजते हैं।

खरीददार द्वारा खरीददारी करते वक्त, ये ठग गिरोह के लोग, मोबाईल, टू व्हीलर, फोर व्हीलर वाहन तथा अन्य उत्पादों के फर्जी तथा जाली बिल, स्वयं की पहचान के नकली आधार कार्ड, आदि खरीददार को व्हॉट्‌सएप्प पर भेजकर यह विश्वास दिलाते हैं कि अनावेदक किसी डिफेंस सर्विसेस में कार्यरत्‌ हैं एवं आर्म्‌ड फोर्स में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।

इन ठगोरों पर विश्वास करके खरीददार, एडवांस राशि ठगोरों के बताये अनुसार ई-वॉलेट एवं उनके निजी खातों में जमा कर भुगतान करके चुका देते हैं।

ठगी एवं धोखाधड़ी करने वाले आरोपी इतने चालाक होतें हैं कि ठगी करने के लिये खरीददारों को उत्पाद कोरियर के माध्यम से भेजे जाने का प्रलोभन देकर उन्हें फर्जी कोरियर स्लिप, पार्सल देते हुए फोटोग्राफ, आदि जाली दस्तावेज व्हॉट्‌सएप्प पर भेजकर यह विश्वास दिलाते हैं कि उनके द्वारा खरीदी गई वस्तु आर्मी ओवरनाइट कोरियर के माध्यम से भेज दी गयी है।

इसके बाद इन्हीं ठगोरों के द्वारा एक-दो दिवस किसी अन्य मोबाईल नंम्बर से खरीददारों से सम्पर्क कर स्वयं को कोरियर बॉय बताया जाता है तथा यह यकीन दिलाया जाता है कि आपके द्वारा बुक की गयी वस्तु (मोबाईल फोन, टू व्हीलर, फोर व्हीलर आदि) आपके पते पर डिलीवरी भेजे जाने हेतु संबंधित कोरियर कार्यालय में आ चुकी है लेकिन बदले में खरीददारों से एडवांस भुगतान के बाद चुकाई जाने वाली शेष राशि का भुगतान हेतु यह कहकर विवश किया जाता है कि शेष राशि का भुगतान ऑनलाईन माध्यम से प्रदाय किये गये ई वालेट अथवा बैंक खातों में जमा कर, तत्काल किया जावे तभी वस्तु आपके सुपुर्द की जायेगी।

विश्वास करते हुये कई खरीददारों द्वारा वस्तु के सौदे के लिये तय की गई संपूर्ण राशि ठगोरों के ई वॉलेट्‌स एवं बैंक खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर दी जाती हैं। संपूर्ण राशि प्राप्त होने के बाद भी जब उन्हें खरीदी गई वस्तु प्राप्त नहीं होती है ना ही उनके द्वारा भुगतान की गई राशि वापस प्राप्त होती है ऐसी स्थिति में खरीददार स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर शिकायत करते हैं।

सौ से अधिक शिकायतें

सिर्फ इंदौर क्राईम ब्रांच में ही वर्ष 2018 एवं वर्ष 2019 मे (OLX) बेवसाईट पर कार, मोटरसायकल, मोबाईल व अन्य कीमती सामान के क्रय-विक्रय से संबंधित छलकपटपूर्वक, ठगी एवंधोखाधडी के 100 से अधिक प्रकरण शिकायतों के माध्यम संज्ञान में आये हैं। विवेचना में यह तथ्य ज्ञात हुआ कि इस प्रकार की धोखाधडी करने वाले व्यक्ति म0प्र0, उ0प्र0, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ तथा पंजाब के रहवासी हैं जोकि ना सिर्फ म0प्र0 अपितु संपूर्ण राष्ट्र में व्यापक स्तर पर ठगी का नेटवर्क स्थापित कर बैंठें है।

टीम ने आरोपीगणों को चिन्हित कर उनकी तलाश में भरतपुर राजस्थान के ग्राम कामा, झेंझपुरी, गडी झिलपट्टी, पहाड़ी, डिमरी एवं जाजमका आदि जगहों पर पहुंचकर दबिश दी और इन्हें पकड़ा गया।

Spread the love

इंदौर