Sep 23 2019 /
10:51 AM

RBI Governor के पर्सनल स्टाफ अफसर बनकर ठगी करने वाले दिल्ली के बाप-बेटे इंदौर सायबर सेल की गिरफ्त में

इंदौर। RBI Governor के पर्सनल स्टाफ अफसर बनकर ठगी करने वाले दिल्ली के बाप बेटे इंदौर सायबर सेल की गिरफ्त में आये हैं।

ये दोनों इंश्योरेंस पालिसी में निवेश के नाम पर उक्त ठगी कर रहे थे।
एसपी राज्य सायबर सेल इंदौर जितेंद्र सिंह ने बताया कि उक्त आरोपियो ने फरियादी से कभी RBI अफसर, कभी IRDA अफसर, कभी Citi Bank मैंनेजर बताकर अलग-अलग खातों में 23 लाख रूपये डलवा लिए थे।

इनके नाम अभिषेक दीवान पिता हरीश दीवान उम्र 28 साल निवासी 3100, कुचा ताराचंद, दरियागंज न्यू दिल्ली और इसका बाप हरीश पिता स्व0 लच्छू सिंह दीवान उम्र 53 साल निवासी 3100, कुचा तराचंद, दरीयागंज न्यू दिल्ली है।

एसपी सिंह ने बताया कि आरोपियों द्वारा राजीव सक्सेना, सिमरन आरोरा, प्रिया अग्रवाल, प्रमोद जैसे फर्जी नामों से काल पीड़ित को लगातार किया जाता था। वर्ष 2014 से 2018 के बीच 23 लाख 62 हजार रूपये खातों में लगभग 24 बार में फरियादी से ठगी गई राशि डलवाई गई। ठगी की राशि से महंगे मोबाईल फोन व अन्य विलासिता का सामान आरोपियों ने खरीदे है।

इसी गिरोह के कुछ सदस्य हैदराबाद पुलिस द्वारा इसी तरह की वारदात में जून 2018 में गिरफ्तार किए जा चुके है। इंश्योरेंस के नाम से दिल्ली/नोएडा/ गाजियाबाद में काल सेंटर चलाकर ये ठगी कर रहे थे।

गिरोह के अधिकांश लड़के जो इस तरह के गिरोह में जुडे है वे या तो किसी इंश्योरेंस कंपनी के लिए काम कर चुके है अथवा किसी Call Center में Tele Calling का काम कर चुके है। ये लोगो को कॉल कर पुरूस्कार के रूप में विशेष पॉलेसी स्कीम देने हेतु उनका मोबाईल नम्बर का चयन किये जाने का लालच देकर इंश्योरेंस में इनवेंस्टमेंट करने के नाम पर ठगी करते थे।

फरियादी प्रमोद कुमार निवासी इंदरा नगर, उज्जैन की शिकायत पर उक्त आरोपी दिल्ली से पकड़े गए। अभिषेक दीवान ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर एक काल सेंटर का संचालन करता था जहॉ से RBI अधिकारी, बैंक अधिकारी, इंश्योरेंस अधिकारी बनकर लोगों को काल कर इंश्योरेंस की स्कीमों में ज्यादा फायदे का बताकर रूपया उनके खाते में डलवाने का लालच देकर उनके साथ ठगी कर काम किया जाता था।

फरियादी को वर्ष 2014 में पहला कॉल आया था जो अभिषेक के एक साथी ने राजीव सक्सेना बनकर किया था। तत्पश्चात अलग-अलग नामों में काल कर ठगी की गई । यहां तक की RBI Governor के पर्सनल स्टॉफ आफीसर बनकर सिमरन आरोरा के नाम से वर्ष 2017 में मोहित की महिला मित्र प्रिया द्वारा काल कर भी पैसा जमा कराया गया ।

इस प्रकरण में आरोपियान को गिरफतार करने वाली SIT में पुलिस अधीक्षक सायबर इंदौर जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, उप निरीक्षक जितेन्द्र चौहान, उनि आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक मनोज राठौर, आरक्षक आशीष शुक्ला, विशाल महाजन, दिनेश, राकेश, गजेन्द्र सिंह राठौर का योगदान रहा है।

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