Aug 24 2019 /
6:27 AM

इंदौर में लाॅटरी खुलने के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी करने वाला क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में

-एयरटेल कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन करके करता था ठगी
इंदौर। इंदौर में लाॅटरी खुलने के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले को क्राइम ब्रांच ने धरदबोचा है। वह लाॅटरी खुलने का झूठा प्रलोभन देकर लोगो को ठगता था।

पकड़े गए आरोपी का नाम शुभम पिता रूपसिंह उम्र 19 वर्ष निवासी गड़वाय जिला देवास है। एएसपी क्राइम अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराता था और ठगी की राशि में से कमीशन लेता था।

उन्होंने बताया कि विभिन्न मोबाईल कम्पनी के कर्मचारी/अधिकारी बनकर आम जनता के लोगों को एसएमएस कर तथा फोन काॅल के जरिये लुभावने आॅफर देकर पैसे अपने अकाउंट में डलवाने वालों की शिकायतें पिछले काॅफी समय से लगातार प्राप्त हो रही थी इसी प्रकार की एक षिकायत फरियादी आवेदक गुड्डू शर्मा नि. नंदबाग काॅलोनी बाणगंगा इंदौर द्वारा एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के समक्ष जनसुनवाई में उपस्थित होकर की गई थी जिसकी जांच क्राईम ब्रांच द्वारा की गई थी और उक्त आरोपी को पकड़ा गया।

वह अपने अन्य सहयोगियों की मदद से जालसाजी, छलकपट व धोखाधड़ी से ठगी की वारदात करता था। प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की क्राईम ब्राँच की टीम द्वारा तलाष की जा रही है। आरोपी शुभम ने पूछताछ में बताया कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य रहा है जो कि टेलीकाॅम कंपनियों के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को फोन करके उन्हें लाॅटरी खुलने का झूठा प्रलोभन देते थे।

बाद लाॅटरी में जीती हुई राशि प्राप्त करने हेतु लोगों से टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, आदि के नाम पर मोटी रकम स्वंय के खातों में जमा कराकर जालसाली व धोखाधड़ी से आर्थिक ठगी करते थे।आरोपी ने खुलासा किया कि वह गिरोह के सदस्यों को, ठगी की राशि जमा कराने के लिये स्वयं का निजी बचत खाता उपयोग करने हेतु उपलबध कराता था जिसमें कई लोगों द्वारा इस प्रकार लाॅटरी खुलने के नाम पर धोखाधड़ी से पैसे जमा कराये गये।

आरोपी शुभम पिता रूपसिंह कक्षा 10 वीं तक पढ़ा है तथा अपने शोक पूरे करने के लिए ठगी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया गया।

ऐसे करते थे ठगी

आरोपी शुभम अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक ठगी करने वाले बडे गिरोह का संचालन करता था तथा गिरोह के सदस्य टेलीकाॅम कंपनी आईडिया, एयरटेल, जिओ, वोडाफोन, आदि टेलीकाॅम कंपनी की ओर से लाखों रुपये का लकी ड्रा खुलने का लोगों को फर्जी मैसेज करते हैं उसके बाद जिन लोगों को मैसेज भेजा जाता था उन्हें संबंधित टेलीकाम कंपनी का कर्मचारी बनकर ये लोग फोन करते थे तथा लकी ड्रा में जीती गई राशि को पाने हेतु टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, बैंक खाता की लिमिट बढ़ाने जैसे प्रलोभन देकर, हजारों रुपये खातों में जमा करा लेते थे।

ये ठगी करने वाले गिरोह मध्यप्रदेश के कई शहरो इंदौर, नीमच, सागर आदि के अलावा अन्य प्रदेशों जैसे राजस्थान,छत्तीगढ, उत्तरप्रदेश के भी कई शहरों के लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम द्वारा इस प्रकार ऑनलाईन ठगी कर रहे गिरोहों तथा उनके पूरे नेटवर्क की लगतार पतारसी की जा रही है।

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