दिग्विजय शासन में मुख्यधारा में रहे अफसरों के हाथ में आएगी मप्र की कमान

इंदौर,प्रदीप जोशी।
प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने काम संभालने के साथ अपने तीन वचन पूरे कर दिए। वह भी उस एनेक्सी में बैठकर जिसे शिवराज सिंह चौहान ने बड़े अरमानों से तैयार करवाया था। शिवराज को थोड़ा भी इल्म नहीं था कि चौथी बार उन्हें प्रदेश के नेतृत्व का मौका नहीं मिलेगा। यही कारण रहा कि वल्लभ भवन में 615 करोड़ की लागत से पांच मंजिला एनेक्सी तैयार करवाई गई। कमान संभालने के बाद चौहान इसी एनेक्सी में बैठने वाले थे।

बहरहाल, यह मौका कमलनाथ को मिला। कल पांचवीं मंजिल पर सीएम सेक्रेट्रिएट के दफ्तर में बैठकर औपचारिक शुभारंभ कर दिया। इस मौके मुख्य सचिव सहित सभी विभागों के प्रमुख सचिव तो मौजूद थे ही, वे अधिकारी भी चमकते चेहरों के साथ उपस्थित थे, जिनके हाथ में नई सरकार की अहम जिम्मेदारियां आना हैं। इसी को लेकर ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तत्काल प्रभाव से उन अफसरों को उनके मूल विभाग में भेज दिया, जो अभी तक मंत्रालयों में जमे हुए थे। बीते पंद्रह सालों में यह सारी जमावट शिवराज के खास अफसरों ने अपने हिसाब से की हुई थी। बहरहाल, नई पदस्थापना के नाम पर बड़ी सर्जरी होना है और इसमें दिग्विजयसिंह की अहम भूमिका होगी, यह भी तय है।

मुख्य भूमिका में मोहंती और प्रभांशु कमल

बीते पंद्रह सालों से सुजीत रंजन मोहंती, प्रभांशु कमल जैसे वरिष्ठ अधिकारी सरकार की उपेक्षा झेल रहे थे। दिग्विजय शासनकाल में बड़ी जिम्मेदारियों को निभाने वाले भाजपा शासन में हाशिए पर डाल दिए गए थे।

उनके स्थान पर मनोज श्रीवास्तव, बीपी सिंह, मोहम्मद सुलेमान, हरिरंजन राव, वी. चंद्रशेखर जैसे अधिकारी मुख्य धारा में थे। बीपी सिंह अब रिटायर हो रहे हैं, लिहाजा नए सीएस के रूप में मोहंती और प्रभांशु कमल के नाम सबसे ऊपर हैं। शपथ समारोह में मोहंती की सक्रियता को देखते हुए ज्यादा संभावना उन्हीं की जताई जा रही है।

मुख्य धारा में लौटेंगे रस्तोगी

ई-टेंडर में टेंपरिंग होने का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। ऐन चुनाव के वक्त संकट में फंसी सरकार ने खुलासा करने वाले मनीष रस्तोगी को लूप लाइन में भेज दिया था। नई सरकार के आने के बाद रस्तोगी भी मुख्यधारा में लौटेंगे, इसकी प्रबल संभावना जताई जा रही है।

इनके घटेंगे पावर

मुख्य सचिव बीपी सिंह सहित अभी तक जिन अफसरों की सत्ता के साथ खास जुगलबंदी रही, उनके पावर घट जाएंगे। इनमे इंदौर संभागायुक्त राघवेंद्रसिंह, संजय दुबे, मो. सुलेमान, हरिरंजन राव, चंद्रशेखर, विवेक अग्रवाल जैसे नाम प्रमुख हैं। इनके अलावा प्राइम जिलों में कलेक्टरी करने वाले निशांत वरवड़े, आलोक सिंह, मनीष सिंह भी नई सरकार के निशाने पर हैं। एक नाम झाबुआ कलेक्टर आशीष सक्सेना का भी है, जो सीधे-सीधे कांतिलाल भूरिया के निशाने पर टंगे हुए हैं।

पूर्व सीएम और मंत्रियों का स्टॉफ हटाया

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबसे पहले भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कही है जिसके चलते मंत्रियों के निज सहायक और उनके कर्मचारियों की सांठगांठ होने के आरोप लगते रहे हैं, इसलिए सीएम कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के 12 कर्मचारियों सहित सभी पूर्व मंत्रियों के स्टाफ को बदल दिया। नाथ ने एक आदेश जारी कर सभी को उनके मूल विभाग में भेज दिया है।

_वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप जोशी की फेसबुक वॉल से साभार।

Spread the love

इंदौर