सुबह ब्लैक टी पीने के फायदे और नुकसान

ब्लैक टी दुनिया में पी जाने वाली सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है। काली चाय के प्रभावशाली स्वास्थ्य लाभों में तनाव को कम करने, उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम करने, मौखिक स्वास्थ्य में सुधार करने और हड्डी के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना आदि शामिल है। आइए सुबह ब्लैक टी पीने के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं।

कैंसर से बचाव में भी है मददगार

कैंसर शरीर में कहीं भी असामान्य कोशिकाओं (Abnormal Cells) का अनियंत्रित विकास है। इन असामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिका, घातक कोशिक या ट्यूमर कोशिका भी कहा जाता है। ये कोशिकाएं सामान्य शरीर के ऊतकों में पैठ बना सकती हैं। शोध से पता चला है कि ब्लैट टी पीने से कैंसर होने की आशंका बहुत कम हो जाती है। रोजाना एक कप ब्लैक टी कैंसर से बचाव में सहायक है।

इम्युनिटी बूस्ट करने में मददगार है ब्लैक टी

प्रतिरक्षा या इम्युनिटी की कमी की बीमारी तब होती है जब इम्युनिटी सिस्टम ठीक से काम नहीं करता है। ब्लैक टी एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में मददगार है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने से आप बीमारियों से दूर रहते हैं और स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

तनाव से बचाए

ब्लैक टी खपत न केवल तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल के उत्पादन को कम करता है बल्कि इसे सामान्य करता है। इसके अलावा, इस चाय में पाए जाने वाले एमिनो एसिड, एल-थीनाइन तनाव से मुक्ति दिलाते है और विश्राम को बढ़ावा देता है।

अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद

यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि काली चाय अस्थमा रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि यह वायु मार्ग को फैलाती है, जिससे अधिक आसानी से सांस लेने की कोई परेशानी नहीं होती।

 

ब्लैक टी के नुकसान:

आहार विशेषज्ञ लगातार कैफीन की अत्यधिक खपत के खिलाफ चेतावनी देते हैं क्योंकि यह अवांछित साइड इफेक्ट्स जैसे अनिद्रा, सांस लेने में परेशानी और नाड़ी की दर में वृद्धि करता है। यहां ब्लैक टी सेवन के कुछ आम साइड इफेक्ट्स हैं।

स्वास्थ्य पेशेवरों के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं को एक दिन में दो कप से अधिक काली चाय या ब्लैक टी नहीं पीना चाहिए। अन्य प्रकार की चाय की तुलना में, काली चाय अधिकतम कैफीन सामग्री से भरा हुआ है। चूंकि काली चाय कैफीन से भरी हुई है, इसलिए यह गर्भपात के खतरे को बढ़ाती है।

इसकी उच्च कैफीन सामग्री कार्डियोवैस्कुलर विकार, ग्लूकोमा, उच्च रक्तचाप और चिंता विकार वाले लोगों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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इंदौर