कई सालों बाद शिक्षक भर्ती लेकिन आयु गणना के नियम ने किया कई को बाहर, असंतोष व्याप्त

भोपाल। तकरीबन सैट साल बाद शिक्षा विभाग में स्कूल शिक्षकों की भर्ती निकाली है लेकिन इसमें उम्र की गणना के जो नियम बनाए गए उसे लेकर आवेदकों भारी असंतोष है, क्योंकि इसके कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार ओवरएज होने के कारण इस भर्ती से बाहर हो गए हैं।
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के माध्यम से यह परीक्षा आयोजित की जा रही है इस हेतु जो विज्ञापन जारी किया है, उसमें अायु गणना का आधार 1 जनवरी 2019 रखा गया है। इस नियम को लेकर उम्मीदवारों में भारी असंतोष है।

उनका कहना है कि अन्य तमाम भर्तियों में यह नियम है कि जिस वर्ष के नाम से परीक्षा आयोजित की जाती है, उस वर्ष के जनवरी माह के मुताबिक आयु की गणना की जाती रही है, लेकिन पीईबी ने पहली बार शर्त बदल दी है।

सवाल यह है कि जब 20 अक्टूबर 2018 तक ही आवेदन जमा होना है तो एेसे में 1 जनवरी 2019 के हिसाब से आयु का निर्धारण करने का क्या औचित्य? कई आवेदक ऐसे हैं, जो वर्ष 2011 से दोबारा भर्ती परीक्षा होने का इंतजार करते हुए अब उम्र की उस दहलीज पर आ गए हैं कि 1 जनवरी 2019 से गणना करने पर वे ओवरएज हो रहे हैं।

इस संबंध में उम्मीदवारों ने बोर्ड से लेकर शासन तक को शिकायत की है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि सैकड़ों उम्मीदवार आवेदन करने से की योग्यता से बाहर हो गए है। गौरतलब है कि इस भर्ती हेतु आवेदन की आखिरी तारीख 25 सितंबर और माध्यमिक के लिए 12 अक्टूबर रखी गई थी।

अब बोर्ड ने इसे बढ़ाकर आगामी 20 अक्टूबर कर दिया है। विज्ञापन की शर्त के अनुसार आवेदक की आयु 1 जनवरी 2019 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होना चाहिए।

Spread the love

इंदौर