हनीट्रैप में 2 पूर्व सीएम, कई अफसरों के शामिल होने की जांच न्यायालय की निगरानी में हो, खबरें प्रकाशित करने वाले सम्पादकों के कथन कोर्ट दर्ज करें, इंदौर कोर्ट में परिवाद दायर

इंदौर। मप्र के चर्चित हनीट्रैप मामले को लेकर सोमवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 के तहत एक परिवाद पेश किया गया। आरटीआई कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह अटल ने इस परिवाद में कहा है कि अनेक समाचार पत्रों ने यह प्रकाशित किया है कि इस केस में 2 पूर्व सीएम, दो पूर्व सांसद, दो पूर्व मंत्री, 5 आईपीएस, 5 आईएएस, विधायक, 2 पत्रकार, अनेक कारोबारी इस हनीट्रैप जुड़े है।

पुलिस इस केस में भयंकर दवाब में उचित कार्रवाई नही कर पा रही है। कोर्ट के समक्ष इस केस से सम्बंधित खबरों की कटिंग पेश करते हुए परिवादी ने गुहार लगाई गई है कि कोर्ट इस केस की विवेचना अपनी निगरानी में कराए और कोर्ट में पेश समाचार पत्रों के सम्पादकों के कथन हेतु या तो कोर्ट खुद आहूत करे या पुलिस को निर्देशित करे कि इनके कथन ले ताकि अभियोजन को इस केस में लाभ मिल सके।


गौरतलब है कि इंजीनियर हरभजन की रिपोर्ट के बाद हुस्न के जाल में फंसाकर नेताओं, मंत्रियों और बड़े उद्योगपतियों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का इंदौर पुलिस ने भंडाफोड़ का दावा किया था।

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