Oct 21 2019 /
12:18 AM

21 अक्टूबर तक गृह सचिव बताए, हनीट्रैप मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में क्यों बदले अधिकारी, बन्द लिफाफे में केस की स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करे

इंदौर। इंदौर हाई कोर्ट ने 21 अक्टूबर तक प्रदेश के गृह सचिव को कहा है कि वह शपथपत्र पर बताए कि हनीट्रैप मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में बार बार अधिकारी क्यों बदले, साथ ही बन्द लिफाफे में केस की स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करे।

जस्टिस एससी शर्मा व जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला की डिवीजन बेंच में आज हनीट्रैप मामले को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई थी। इसमे यह केस सीबीआई को सौंपने, हाई कोर्ट की मॉनिटरिंग में एक कमेटी बनाकर नजर रखने की मांग को लेकर एक आवेदन हाई कोर्ट में पेश किया गया था।

आज की सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अशोक चितले, मनोहर दलाल, लोकेंद्र जोशी ने तर्क रखे। इसमें कहा गया कि इतने गंभीर मामले में सरकार बार-बार एसआईटी में बदलाव क्यों कर रही है।

केस की निष्पक्ष जांच हेतु हाई कोर्ट की मॉनिटरिंग में कमेटी बना दी जाए। इस पर कोर्ट ने सरकार से उक्त जवाब व स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
उल्लेखनीय है कि हनीट्रैप को लेकर सभी तक इंदौर हाई कोर्ट में तीन याचिका दायर हो चुकी हैं।

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