Sep 15 2019 /
11:07 AM

हर विस क्षेत्र के एक की बजाय 5 बूथों पर हो EVM-VVPAT का मिलान- सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने नए निर्देश चुनाव आयोग को दिए है। कोर्ट ने आगामी लोकसभा चुनाव में EVM और VVPAT के मिलान को पांच गुना बढ़ाते हुए हर विस क्षेत्र में एक बूथ से बढ़ाकर पांच बूथों की वीवीपैट पर्चियों की मिलान (औचक जांच) का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि वह मतदाताओं के विश्वास और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर वीवीपैट पर्चियों की जांच वाले नमूने बढ़ा रहा है।

इस मामले में चुनाव आयोग ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर आंखों पर है। आयोग ईवीएम में डाले गए वोट और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का जल्द से जल्द अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में औचक तौर पर पांच वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया जाएगा। गौरतलब है कि अभी सिर्फ एक ईवीएम का वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता है.

अभी तक चुनाव आयोग 4125 ईवीएम और वीवीपैट के मिलान कराता है. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह बढ़कर 20,625 ईवीएम और वीवीपैट का मिलान करना होगा।

गौरतलब है कि 21 राजनीतिक दलों के नेताओं ने लगभग 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की मांग की थी। विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट में कहना था कि उन्हें 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की गिनती से चुनाव नतीजे में देर होने पर आपत्ति नहीं है।

21 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा है कि 50 फीसदी ‘वीवीपैट’ पर्चियों की गिनती किए जाने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा में छह दिनों की देर होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

साथ ही उन्होंने कहा कि यह कोई ‘गंभीर विलंब’ नहीं है, बशर्ते कि यह चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करती हो.

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