इंदौर में एक माह से लापता युवक को ढूंढकर पेश करे पुलिस, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में नोटिस जारी कर मांगा जवाब- हाई कोर्ट

इंदौर। एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पुलिस को इंदौर में करीब एक माह से लापता युवक को 8 अगस्त तक ढूंढकर पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रमुख सचिव गृह मंत्रालय, डीजीपी भोपाल, एडीजी इंदौर, डीआईजी इंदौर, पुलिस अधीक्षक पूर्व क्षेत्र को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति एस सी शर्मा और न्यामूर्ति वीरेंदर सिंह की डिवीजन बेंच ने एडवोकेट मनीष यादव के माध्यम से याचिकाकर्ता आशीष जैन के द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिए।

याचिका में कहा गया कि विगत 12 जून को इंदौर के संगम नगर में रहने वाला 37 वर्षीय युवक अखिलेश अचानक लापता हो गया जिसकी गुमशुदगी उसके भाई आशीष जैन ने बाणगंगा थांने में दर्ज कराई।

अखिलेश जिस अशोक टिन केस लिमिटेड नसमक फैक्ट्री में सेल्स मार्केटिंग का काम करता है, के मालिक करण भेरूका,अंकित भेरूका, विशाल, अशोक भेरूका का नामजद उल्लेख करते हुए कहा गया कि इनके द्वारा देर रात उसे फोन कर हिसाब करने का बोल कर बुलाया था। सुबह इनके द्वारा बताया गया कि अखिलेश भाग गया है।

मुझे इन लोगो पर शंका है, इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई जांच नही की गई ना ही युवक की कोई तलाश की गई। उसके साथ कोई अनहोनी की भी आशंका याचिकाकर्ता ने जाहिर की और बड़े अधिकारियों तक को आवेदन दिया। तब भी कुछ नहीं होने पर उक्त बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका प्रस्तुत की गई।

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