Jun 26 2019 /
7:20 AM

छह माह में इंदौर के एमवाय में फुल ऑटोमेटिक गैस मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाए- हाई कोर्ट

  • जांच में दोषियों के खिलाफ सरकार नियमानुसार कदम उठाएं
  • सरकार एमवाय की व्यवस्थाएं सुधारने का 45 दिन में एक्शन प्लान बनाएं

इंदौर। इंदौर हाई कोर्ट ने इंदौर के सबसे बड़े एमवाय हॉस्पिटल को लेकर दायर जनहित याचिकाओं में निर्देश दिया है कि राज्य सरकार छह माह में एमवाय में फुली ऑटोमेटिक गैस मैनेजमेंट सिस्टम लगाए।
जस्टिस एससी शर्मा व जस्टिस वीरेंद्र सिंह की डिविजन बेंच ने प्रमोद द्विवेदी की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव, गोरधन यादव की ओर से अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान और ममता कुमावत की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमावत द्वारा दायर जनहित याचिकाओं का निराकरण करते हुए राज्य सरकार को कई निर्देश दिए। गौरतलब है कि 2016 में एमवाय में ऑक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी के कारण दो बच्चों की मौत हो गई थी।

इसे लेकर एमवाय की तमाम अव्यवस्थाओं उठाते हुए उक्त तीन जनहित याचिकाएं लगाई गई थी। कोर्ट के निर्देश पर इस मामले में रिटायर्ड न्यायाधीश राज कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी।

अपने फैसले में इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानते हुए कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने जिन्हें इस घटना के लिए दोषी माना उनके विरुद्ध आवश्यक नियमानुसार कार्यवाही सरकार करें।

एमवाय अस्पताल इंदौर का सबसे पुराना सरकारी अस्पताल है जहां पर अधिकतर मरीज गरीब वर्ग से आते हैं, इसके चलते कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए 45 दिन में यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का एक्शन प्लान बनाएं।

इसी के साथ यहां के फंड के दुरुपयोग की शिकायत पर कोर्ट ने स्पेशल ऑडिट कराने के बात भी कहीं। मृतक के परिजनों को मुआवजे के बारे में कोर्ट ने कहा कि सरकार इसका रिव्यू करे।

(देखें आदेश की कॉपी)

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