Sep 15 2019 /
11:06 AM

इंदौर में महिला के असामान्य गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति मामले में हाई कोर्ट ने मांगी मेडिकल रिपोर्ट

इंदौर। एक अत्यंत गरीब परिवार की महिला के गर्भ में पल रहे 22 सप्ताह 5 दिन के शिशु के गर्भपात की अनुमति का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। इस मामले की त्वरित सुनवाई कर कोर्ट ने महिला की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
मामला इस प्रकार है कि एक गरीब परिवार की गर्भवती महिला की जांच में यह पाया गया कि उसके पेट में जो 22 सप्ताह 5 दिन का शिशु पल रहा है, वह अत्यंत अविकसित व असामान्य अवस्था का है, जिसे जन्म दिया जाना उचित नहीं है।

चूँकि 20 सप्ताह से अधिक की प्रेगनेंसी में गर्भपात की अनुमति नहीं होती है, इसके चलते यह अनुमति लिए जाने के लिए इंदौर हाई कोर्ट में एडवोकेट आकाशदीप शुक्ला द्वारा शुक्रवार को याचिका दायर की गई और आज ही अर्जेंट सुनवाई का आवेदन दिया गया।

इस आवेदन के आधार पर जबलपुर हाई कोर्ट से निर्देश के बाद जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की स्पेशल बेंच ने यह मामला सुना और तुरंत सीनियर गायनोलॉजिस्ट की अगुवाई में मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए।

इस मेडिकल बोर्ड से इस महिला की प्रेगनेंसी रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या उसके गर्भस्थ असामान्य शिशु की अवस्था को देखते हुए उसे सुरक्षित गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है। महिला को 8 अप्रैल को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है और अगली सुनवाई 10 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है।

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