Mar 21 2019 /
6:56 AM

हाई राइज व ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में घनत्व के सिद्धांत की अनदेखी को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज

इंदौर। इंदौर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने हाई राइज और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में घनत्व के सिद्धांत की अनदेखी को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज कर दी। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इस मामले में पूर्व में हुई बहस में याचिकाकर्ता प्रदीप हिंदूजा की ओर से तर्क रखा था कि भूमि विकास नियमों के अंतर्गत घनत्व के सिद्धांत का पालन अनिवार्य है। हाई राइज और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को भूमि विकास नियमों के तहत अनुमति जारी की जा रही है लेकिन इनमें घनत्व के सिद्धांत का पालन नहीं हो रहा है।

शासन की तरफ से पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव ने बहस की थी। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि मास्टर प्लान में फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) का पालन जरूरी है। घनत्व के सिद्धांत का मास्टर प्लान में जिक्र नहीं है। ऐसे में इन प्रोजेक्ट में इसे अनिवार्य नहीं किया जा सकता। नियमों के तहत ही प्रोजेक्ट को अनुमति जारी की जाती है।

बिल्डरों की तरफ से भी वकीलों ने पक्ष रखा था। हाईराइज और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में घनत्व के सिद्धांत का पालन नहीं होने को लेकर यह जनहित याचिका करीब डेढ़ साल पहले दायर हुई थी। याचिकाकर्ता के आरंभिक तर्क सुनने के बाद पूर्व में कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन प्रोजेक्ट में अब कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना कोई रजिस्ट्री नहीं होगी।

इसके बावजूद 235 से ज्यादा रजिस्ट्रियां हो गई थीं। इस पर 24 अगस्त 18 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए अलग-अलग प्रोजेक्ट में हुई इन 235 से ज्यादा रजिस्ट्रियों को याचिका की सुनवाई के दौरान अप्रभावी घोषित कर दिया था। याचिका में सुनवाई के दौरान कई बिल्डर और क्रेडाई भी पक्षकार बन गए थे।

Spread the love

इंदौर