Sep 23 2019 /
10:22 AM

इंदौर हाई कोर्ट ने दी 27 हफ्ते के अस्वस्थ गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति

इंदौर। इंदौर हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 27 हफ्ते के अस्वस्थ गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति दी है।
जस्टिस एससी शर्मा की बेंच ने इंदौर में रहने वाले दंपत्ति द्वारा अधिवक्ता अभिषेक भार्गव तथा अमित रावल के माध्यम से दायर याचिका में उक्त अनुमति दी।

याचिका में महिला की ओर से गर्भ में पल रहे अस्वस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति चाही थी। इस पर न्यायालय के द्वारा एक मेडिकल बोर्ड गठित कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया था। आज एम.व्हाय हॉस्पिटल द्वारा गर्भवती महिला की मेडिकल परिक्षण कर रिपोर्ट पेश की गई जिसमें अस्पताल द्वारा यह माना गया कि गर्भ में पल रहा शिशु अस्वस्थ है तथा उसका गर्भपात किया जाना उचित है।

इस पर हाईकोर्ट ने अधिवक्ता अभिषेक भार्गव के तर्को और पेश किये गए सर्वोच्च न्यायालय के न्याय दृष्टान्तों को मानते हुए तथा मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को मानते हुए याचिका स्वीकार कर 27 हफ्ते के अस्वस्थ गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति प्रदान की ।

इसलिए होती है न्यायालय की अनुमति की आवश्यकता

अधिवक्ता अभिषेक भार्गव ने बताया कि medical termination of pregnancy act के अनुसार
12 सप्ताह से अधिक के शिशु के गर्भपात के लिए विशेष मामलों में सक्षम न्यायालय के आदेश अथवा अनुमति की आवश्यकता होती है।

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