Jul 20 2019 /
12:50 PM

इंदौर हाई कोर्ट ने दी 22 सप्ताह के अस्वस्थ गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति

इंदौर। सोमवार को इंदौर हाई कोर्ट ने 22 सप्ताह के अस्वस्थ गर्भस्थ शिशु के गर्भपात की अनुमति दी। जस्टिस वंदना कसरेकर की बेंच ने यह अनुमति दी। मामला इस प्रकार है कि इंदौर में रहने वाले एक दम्पति ने एडवोकेट अभिषेक भार्गव और गरिमा परिहार के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।याचिकाकर्ता की और से तर्क प्रस्तुत करने के साथ मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि इनका 22 सप्ताह का गर्भस्थ शिशु पूर्ण रूप से अस्वस्थ है और आगे चलकर माँ और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है। उक्त तर्कों व मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से सहमत होकर जस्टिस कसरेकर की बेंच ने आवश्यक मेडिकल सतर्कता बरतते हुए गर्भपात की अनुमति प्रदान की।

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