सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेश का उल्लंघन कर हो रहा नई जिला कोर्ट बिल्डिंग का भूमि पूजन

इंदौर। आगामी 8 सितंबर शनिवार को पिपलियाहाना में तालाब के समीप नई जिला कोर्ट की बिल्डिंग का भूमि पूजन होने जा रहा है जिसमें अनेक गणमान्य जज, मंत्री, नेता भाग ले रहै है। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने आरोप लगाया है कि शीर्ष कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करके यह भूमि पूजन किया जा रहा है। उनका कहना है कि एनजीटी ने जहां यह आदेश दे रखे हैं के तालाब से 60 मीटर दूर निर्माण किया जाए उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही में 31 अगस्त 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगाई हुई है और मध्यप्रदेश शासन पर जुर्माना भी किया है, इसके बावजूद इन आदेशों का उल्लंघन करके उक्त भूमि पूजन किया जा रहा है जो सरासर न्यायालय की अवमानना है।

कोडवानी ने कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि पिपलिया हाना तालाब किनारे कोर्ट बिल्डिंग नहीं बनाई जाएगी। इसके बावजूद वह आखिर यहां पर कोर्ट बिल्डिंग बनाये जाने के लिए क्यों और कैसे तैयार हो गए, यह समझ से परे है। कोडवानी ने कहा कि इस कार्यक्रम का वे अपने तरीके से विरोध करेंगे। इसका स्वरूप क्या होगा ये कल ही बताएंगे। उल्लेखनीय है कि कोडवानी इस तालाब किनारे कोर्ट बिल्डिंग बनाए जाने को लेकर कई दिनों तक तालाब किनारे अनशन कर चुके हैं।

इसके अलावा कांग्रेस के जीतू पटवारी सहित अन्य कई संगठन ने भी इसका विरोध किया था। गौरतलब है कि लगभग 411 करोड़ की लागत से इंदौर जिला कोर्ट की नई 9 मंजिला सर्वसुविधायुक्त बिल्डिंग निर्माण का भूमिपूजन सुप्रीम कोर्ट जस्टिस अरुण मिश्रा, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता, प्रदेश के न्याय मंत्री रामपाल सिंह, जस्टिस पी के जायसवाल, जस्टिस जे के माहेश्वरी, जस्टिस एस सी शर्मा की अगुवाई में शनिवार को होने जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता कोडवानी ने गूगल मैप पेश कर बताया हैं कि NGT के आदेश से तालाब से 60 मीटर दूर तक कोई निर्माण नही हो सकता, यह एरिया लाल लाइन से दर्शाया है।

Spread the love

इंदौर