Sep 23 2019 /
11:15 AM

11 सितम्बर को होगा इंदौर हाई कोर्ट में हरदा, हरसूद, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर और आष्टा जिले शामिल करने पर मंथन

इंदौर। मप्र के छह जिलों हरदा , हरसूद , खंडवा , बुरहानपुर , सीहोर और आष्टा को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ से जोड़े जाने के प्रस्ताव पर आगामी 11 सितम्बर को इंदौर में मंथन होगा।

इसके लिए हाई कोर्ट बार एसोसिएशन इंदौर द्वारा आयोजित की जा रही बैठक में इन जिलों के सभी जन प्रतिनिधियों व बार पदाधिकारियों को बुलवाया जा रहा है।
वर्तमान में ये जिले मप्र हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में है ।

गत दिनों विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में इन जिलों को इंदौर हाई कोर्ट के कार्यक्षेत्र में शामिल करने की बात कही गई थी। इसके बाद से इंदौर व जबलपुर के वकीलों में जंग शुरू हो गई।

जबलपुर के वकील इस प्रस्ताव का जहां विरोध कर रहे हैं और गत दिनों एक दिन काम भी बंद रख चुके हैं वहीं इंदौर के वकीलों ने प्रस्ताव के समर्थन में सफेद पट्टी बांधकर काम करने के साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। इसके अलावा अब इनके साथ उक्त छह जिलों के अधिकांश बार पदाधिकारी भी इस प्रस्ताव के समर्थन में आ गए हैं।

इसके चलते इन छह जिलों के जन प्रतिनिधियों व बार के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर अब आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन उपाध्यक्ष अमरसिंह राठौर ने बताया कि आगामी 11 सितम्बर को यह बैठक बुलाई गई है जिसमे वहां के जनप्रतिनिधियों के स्स्थ बार पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में आने वाले सुझावों के आधार पर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी ।

उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर के विधायक ठाकुर सुरेन्द्र सिंह शेरा ने भी मुख्यमंत्री , विधि मंत्री व चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर उनके जिले को इंदौर खंडपीठ में शामिल करने की मांग की है। इन छह जिलों से जबलपुर काफी दूर है , जबकि इसकी अपेक्षा इंदौर काफी नजदीक है। इसी आधार पर इन जिलों को इंदौर हाई कोर्ट में शामिल करने की मांग की जा रही है।

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