Aug 21 2019 /
10:17 AM

जस्टिस कुरैशी की MP हाई कोर्ट CJ के तौर पर नियुक्ति ना करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार

दिल्ली। न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी की मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति करने में देरी का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने मामले में याचिकाकर्ता गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन को अपनी याचिका की प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को देने के निर्देश दिए हैं और SG को इस मामले में कोर्ट की सहायता करने को कहा है।

‘लाइव लॉ’ की न्यूज के अनुसार दरअसल न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 मई को की थी। ये सिफारिश भी कॉलेजियम द्वारा उसी दिन की गई जिसके द्वारा न्यायमूर्ति डी. एन. पटेल की दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को केंद्र द्वारा अधिसूचित किया गया है।

याचिका में यह कहा गया है कि न्यायमूर्ति पटेल के प्रस्ताव पर केंद्र ने 2 सप्ताह के भीतर कार्रवाई की और उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय के CJ के रूप में कार्यभार संभाल लिया जबकि न्यायमूर्ति कुरैशी की फाइल को लंबित रखा गया है। इस बीच केंद्र ने 7 जून को न्यायमूर्ति रवि शंकर झा को MP हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर दिया।

इस याचिका में कहा गया है,
“वर्तमान रिट याचिका दायर करने की तिथि तक, मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रपति को 10.05.2019 को कॉलेजियम की सिफारिशों के संदर्भ में सलाह दी है, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी की सिफारिश को छोड़ दिया गया है।

सरकार ने दिनांक 10.05.2019 को उच्च न्यायालय के लिए कॉलेजियम की सिफारिश के संदर्भ में अधिसूचना जारी करने के बजाए 07.06.2019 को मध्य प्प्रदेश HC के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा को मध्य प्रदेश का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया। याचिका में केंद्र सरकार को जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

न्यायमूर्ति कुरैशी की फाइल की उपेक्षा को याचिका में उजागर करते हुए कहा गया है कि केंद्र द्वारा 10 मई के बाद न्यायिक नियुक्तियों की 18 फाइलों को मंजूरी दी गई है।

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