Mar 20 2019 /
11:00 AM

केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का झटका, सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा बहाल, 76 दिन बाद फिर चीफ बने

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को झटका देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक पद पर आलोक वर्मा को फिर से बहाल कर दिया है।

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में काफी समय से चल रहे विवाद पर कोर्ट ने सीवीसी के फैसले को पलटते हुए आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द कर दिया। इसके साथ ही अब 76 दिन बाद आलोक वर्मा फिर सीबीआई के चीफ बन गए हैं.

गौरतलब है कि पिछले साल 23 अक्तूबर को रातोरात रैपिड फायर एक्शन के तौर पर CVC और DOPT ने तीन आदेश जारी किए. आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के साथ सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम.

नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया था. छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

सीबीआई के निदेशक आलोक कुमार वर्मा और ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का निर्णय किया था. दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

आलोक वर्मा ने अपनी याचिका में कहा CVC और DoPT ने तीन आदेश मनमाने और गैरकानूनी हैं, इन्हें रद्द किया जाना चाहिए. याचिका में आलोक वर्मा ने था, ‘सीवीसी, केंद्र ने मुझे सीबीआई निदेशक की भूमिका से हटाने के लिए रातोरात निर्णय’ लिया. यह फैसला DSPE अधिनियम की धारा 4 बी के विपरीत है जो एजेंसी की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई प्रमुख को दो साल की सुरक्षित अवधि प्रदान करता है.

जेटली बोले,मानेंगे आदेश

सीबीआई विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार मानेगी। CVC की रिपोर्ट के बाद सरकार ने फैसला लिया था।

अभी सरकार फैसले को विस्तार से पढ़ेगी। जांच एजेंसी की साख बनाने के लिए फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाए जा सकते है। आरोपों की जांच तक दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजा गया था।

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