Sep 15 2019 /
11:19 AM

राफेल डील से जुड़ी लीक दस्तावेजों को सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अदालत उस पर सुनवाई कर सकती है

दिल्ली। सोमवार को केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। राफेल डील से जुड़ी लीक दस्तावेजों को सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अदालत उस पर सुनवाई कर सकती है।

सरकार की दलील को सुप्रीम कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि राफेल डील की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

बता दें कि एक अखबार में रक्षा मंत्रालय की नोटिंग छापी गई थी जिसमें ये बताया गया था कि किस तरह से पीएमओ ने रक्षा मंत्रालय की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया।

इस संबंध में सरकार की तरफ से कहा कि ये ऑफिसियस सेक्रेट्स एक्ट का मामला है और चुराए गए दस्तावेजों को सबूतों के तौर पर नहीं पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने 14 मार्च को उन विशेषाधिकार वाले दस्तावेजों की स्वीकार्यता पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियों पर फैसला सुरक्षित रखा था

जिन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी तथा वकील प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत के 14 दिसंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका में शामिल किया था।

14 दिसंबर के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे के खिलाफ सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राजनीतिक हल्कों से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो चुकी है।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने बताया कि मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्ष के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस संबंध में पुनर्विचार याचिका से जुड़े याची अरुण शौरी ने कहा कि अदालत के फैसले से साफ है कि मोदी सरकार किस तरह व्यवस्थाओं पर हमला कर रही है।

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