आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बुधवार 12 अगस्त 2020 के माता रानी वैष्णों देवी के दर्शन सीधे जम्मू कश्मीर के कटरा स्थित माँ के भवन से, यात्रा की गाइडलाइंस भी देखें

माँ, सुख भी मुझे प्यारे है, दुःख भी मुझे प्यारे है,
छोड़ू मैं किसे जगदम्बे, दोनों ही तुम्हारे है…

ll ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ll

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 12 अगस्त 2020 बुधवार श्री माता रानी वेषणों देवी (shri matarani vaishno devi) के प्रातःकालीन आरती श्रृंगार ( पिंडी रूप) (pindi darshan) के आज के दर्शन करिए सीधे जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित मातारानी के दरबार (भवन) से। भक्तों, पिंडी रूप में माँ महाकाली ( दाएँ ) माँ महालक्ष्मी वैष्णवी ( मध्य ) और माँ महासरस्वती ( बाएँ ) के दर्शन कर सभी भक्त माँ के श्री चरणों का ध्यान करें !!

जयकारा शेरावाली दा, बोल सच्चे दरबार की जय..🙌

हे माँ हरिप्रिया, कोरोना महामारी का नाश करो🙏🏼।
हम जीतेंगे, हारेगा कोरोना….
जय माता दी। जय श्री राम।

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16 अगस्त से यात्रा शुरू, लेकिन ये होगी गाइडलाइंस

जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी की यात्रा 16 अगस्त से फिर से शुरू हो रही है। लेकिन सरकार ने यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। यात्रा से पहले इच्छुक श्रद्धालु इन नियमों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें ताकि असुविधा नही हो।

गाइडलाइंस के मुख्य बिंदुओं के अनुसार,
जम्मू-कश्मीर के बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को कोविड 19 टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। यात्रा पर कटरा से आगे बढ़ने की अनुमति तभी दी जाएगी जब इन तीर्थयात्रियों का कोविड टेस्ट नेगेटिव होगा। जम्मू और कश्मीर के रेड जोन जिलों के तीर्थयात्रियों का भी अनिवार्य रूप से परीक्षण किया जाएगा और रिपोर्ट नेगेटिव है तो यात्रा पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जा सकेगी।


30 सितंबर तक प्रतिदिन अधिकतम 5000 तीर्थयात्रियों को माता के दर्शन करने की इजाजत होगी। इन 5000 में से दूसरे राज्यों के 500 तीर्थयात्रियों को दर्शन करने की इजाजत होगी। 60 साल से ज्यादा की उम्र के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को यात्रा की इजाजत नहीं होगी। बुकिंग ऑनलाइन होगी। श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।

सभी यात्रियों को मास्क पहनना होगा और सीमित संख्या में घरेलू भक्तों को मंदिर में जाने की अनुमति होगी। माता के भवन में एक बार में 600 से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में किसी प्रकार का चढ़ावा नहीं चढ़ा सकेंगे और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को छूना वर्जित होगा।

यात्री माता के भवन में रात में ठहर भी नहीं पाएंगे। रात के समय भवन मार्ग पर यात्रा बंद रहेगी। सुबह-शाम माता के भवन में होने वाली दिव्य आरती में श्रद्धालुओं को बैठने की परमीशन नहीं होगी।

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इंदौर