22 जून सोमवार से गुप्त नवरात्रि, 29 जून तक चलेगी, मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की विशेष पूजा का है महत्व

रविवार 21 जून को सूर्यग्रहण होने के पश्चात देवी की आराधना का विशेष पर्व गुप्त नवरात्रि 22 जून सोमवार से शुरु हो रहा है जो 29 जून तक चलेगा। इस गुप्त नवरात्रि में षष्ठी तिथि का क्षय है, अर्थात यह 8 दिन की रहेगी। इस दौरान मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की विशेष पूजा का बड़ा महत्व है।

शक्ति का प्रतीक माँ दुर्गा की आराधना के लिए साल में कुल चार नवरात्र आते है लेकिन दो बार ही व्यापक स्तर पर नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। जिसमें देवी मां के अलग-अलग नौ रूपों की उपासना की जाती है। इस नवरात्र को चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है।

लेकिन साल में दो बार नवरात्र ऐसे भी आते हैं जब मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इन्हें गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इनमे आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि 22 जून से शुरू हो रहे है जिसका समापन 30 जून को होगा।

इसमे अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में श्रद्धालु लीन रहेंगे। आषाढ़ी नवरात्रि में तंत्र साधना की प्रधानता के कारण इसे गुप्त नवरात्रि भी कहा जाता है। इस दौरान साधक दस महाविद्याओं की साधना करेंगे।

गुप्त नवरात्रि किसी खास मनोकामना की पूजा के लिए तंत्र साधना का मार्ग लेने का पर्व भी है। अन्य नवरात्रि की तरह ही इसमें भी व्रत-पूजा, पाठ, उपवास किया जाता है।

इस दौरान साधक देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के अनेक उपाय करते हैं। इसमें दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा, दुर्गा सहस्त्रनाम का पाठ काफी लाभदायी यह माना गया है। यह नवरात्रि धन, संतान सुख के साथ-साथ शत्रु से मुक्ति दिलाने में भी कारगर है।

ये है दस महाविद्या

मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी। गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं का पूजन करते हैं।

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इंदौर