23 से देवता शयन करेंगे

आगामी 23 को देवशयनी एकादशी आ रही हैं। इस दिन से सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। इसके बाद शादियों की शहनाई 19 नवंबर देवउठनी ग्यारस से बजेगी। देव शयन पश्चात 27 जुलाई से चातुर्मास शुरू होंगे। देव उठनी ग्यारस के बाद नवंबर में विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।

कब कौनसा तारा अस्त होगा

शुक्र तारा 19 अक्टूबर से 19 नवंबर 2018 तक अस्त रहेगा। गुरु तारा 14 नवंबर से 8 दिसंबर 2018 तक अस्त रहेगा। भारतीय ज्योतिष शास्त्र की गणना में समस्त मांगलिक कार्यों में खास कर विवाह में गुरु और शुक्र तारों का उदय होना आवश्यक माना गया है। यानी गुरु और शुक्र तारे की उपस्थिति में ही विवाह संस्कार शुभ फल देते हैं। गुरु तारे को संबंधों के आधार पर देखा जाता है। शुक्र तारे को सौभाग्य, समृद्घि तथा जीवन पर्यन्त यौवन की दृष्टि से देखा जाता है।

2 मलवास रहेंगे :

इस बार धनु संक्रांति पर 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2019 तक मीन संक्रांति पर 15 मार्च से 14 अप्रैल 2019 तक (मलवास के दौरान किसी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।)

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इंदौर