आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज ने एकाएक इंदौर से नेमावर की ओर किया विहार, 5 मुनिराज का उप संघ बनाया, आचार्य श्री सहित 8 महाराज ने किया विहार


इंदौर। दिगम्बर जैन समाज के सबसे बड़े संत आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज ने आज सोमवार को एकाएक इंदौर से विहार कर दिया। जानकारी देते हुए मीडिया प्रमुख राहुल सेठी ने बताया कि सुबह करीब छह बजकर 40 मिनिट पर आचार्य श्री ने विजय नगर स्थित श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से विहार शुरू किया। इसके पश्चात आचार्य सहित सभी संत सुबह 8 बजे महालक्ष्मी नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर पहुँचे।

यहा पर सभी माँगलिक क्रिया ब्रह्मचारी सुनिल भैया जी द्वारा करायी गयी। इसके पश्चात यही पर आहार चर्या हुई। फिर दोपहर एक बजे तक सामायिक की गयी। इसके बाद में यहा से दोपहर २ बजे से आगे का विहार शुरू किया। ब्रह्मचारी सुनिल भैया जी ने आगे बताया की आचार्य श्री सहित सभी 8 महाराज का आज रात्रि विश्राम देवगुरडिया के समीप स्थित सम्पत वेलि पर होगा। मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे आगे का विहार शुरू होगा। फिर 6 किलोमीटर दूर पर डबल चौकी के पहले आहार चर्या होगी।


5 मुनि राज का उप संघ बनाया

आचार्य श्री ने विहार के पहले विजय नगर में 5 मुनिराज का उपसंघ बनाया। इसमें मुनि श्री निर्दोष सागर महाराज जी, मुनि श्री निरामय सागर महाराजजी, मुनि श्री निरापद सागर महाराजजी, मुनि श्री निरुपम सागर महाराजजी सहित कुल 5 महाराज शामिल है। अब ये 5 मुनि राज इंदौर में ही आगामी कुछ दिनो तक धर्म प्रभावना करेंगे।

Spread the love

10

इंदौर