Oct 17 2019 /
2:06 AM

तीन जुलाई से गुप्त नवरात्र, करें माँ की विशेष आराधना, पाएं मनोवांछित फल

यूं तो साल में 4 नवरात्र आते है इनमे चैत्र व शारदीय नवरात्र की धूम अधिक रहती हैं लेकिन दो नवरात्र को गुप्त नवरात्र माना गया है। इन्ही में से एक आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष पक्ष की प्रतिपदा तिथि तीन जुलाई 2019 से शुरू हो रही है जो नवमी तिथि तक चलेगी।

जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान देवी भगवती के भक्त बेहद कड़े नियम के साथ मां के व्रत और साधना करते हैं।

लोग विधि अनुसार पूजन करके देवी का आशीर्वाद पाने के साथ साथ सभी समस्याओं से मुक्ति पा लेते है। आषाढ़ मास की इस नवरात्रि में गुप्त रूप से देवी मां की पूजा की जाती है। इन दिनों में तंत्र-मंत्र कर्म काफी अधिक होते हैं।

तांत्रिकों के लिए इस नवरात्रि का महत्व काफी अधिक माना जाता है। देवी मां के हवन, पूजन आदि कर्म गुप्त रूप होते हैं, इसीलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। गुप्त नवरात्रि में मानसिक पूजा करने का महत्व है। आमतौर पर पूजा देर रात में की जाती है।

Spread the love

इंदौर