Mar 20 2019 /
5:11 AM

4 मार्च को सोमवार व महाशिवरात्रि पर्व का महासंयोग

इस बार 4 मार्च को है महाशिवरात्रि। शिव भक्तों के लिए बेहद खास दिन। चूँकि ये सोमवार को आ रही है इसके चलते यह महासंयोग भी बन रहा है।

इस दिन आदि देव भगवान शिव के भक्त मंदिरों में शिव शंकर की पूजा अर्चना करेंगे, शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएंगे, भांग का प्रसाद ग्रहण करेंगे और पूरे दिन उपवास रखेंगे।

प्रयागराज में चल रहे कुंभ में भी महाशिवरात्रि के दिन आखिरी शाही स्नानहोगा और इसी के साथ कुंभ मेले का समापन हो जाएगा। हिंदू पुराणों में महाशिवरात्रि के लिए कोई एक नहीं बल्कि कई वजहें बताई गई हैं.

किसी कथा में महाशिवरात्रि को भगवान शिव के जन्म का दिन बताया गया है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे.

इसी वजह से इस दिन शिवलिंग की खास पूजा की जाती है. वहीं, दूसरी प्रचलित कथा के मुताबिक ब्रह्मा ने महाशिवरात्रि के दिन ही शंकर भगवान का रुद्र रूप का अवतरण किया था.

इन दोनों कथाओं से अलग कई स्थानों पर मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। इंदौर के आसपास उज्जैन ओमकारेश्वर में 2 ज्योतिर्लिंग है। इसके चलते महाशिवरात्रि पर यहां भक्तों की भारी भीड़ रहेगी।

इंदौर के देवगुराड़िया, भूतेश्वर सहित तमाम शिव मंदिरों में भी इस दिन भक्तों का ताता लगा रहेगा। कई जगह भंडारे, भजन, आदि कार्यक्रम आयोजित किये जा रहा है।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त शुरू – शाम 04:28, 4 मार्च 2019
शुभ मुहूर्त समाप्त – 07:07, 5 मार्च 2019

पूजा की सामग्री और विधि

शिवपुराण के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करते समय इन चीज़ों को जरूर शामिल करें.

1.शिव लिंग के अभिषेक के लिए दूध या पानी. इसमें कुछ बूंदे शहद की अवश्य मिलाएं.

2. अभिषेक के बाद शिवलिंग पर सिंदूर लगाएं.

3. सिंदूर लगाने के बाद धूप और दीपक जलाएं.

4. शिवलिंग पर बेल और पान के पत्ते चढ़ाएं.

5. आखिर में अनाज और फल चढ़ाएं.

6. पूजा संपन्न होने तक ‘ओम नम: शिवाय’ का जाप करते रहें।

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इंदौर