मकर संक्रांति 2020- 15 जनवरी को रहेगी

संक्रांति काल- 07:19 बजे (15 जनवरी)
पुण्यकाल-07:19 से 12:31 बजे तक
महापुण्य काल- 07:19 से 09: 03 बजे तक
संक्रांति स्नान- प्रात: काल, 15 जनवरी 2020

दरअसल, इस साल 15 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में आगमन 14 जनवरी मंगलवार की मध्य रात्रि के बाद रात 2 बजकर 7 मिनट पर हो रहा है। मध्य रात्रि के बाद संक्रांति होने की वजह से इसके पुण्य काल का विचार अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक होगा। इसी वजह से मकर संक्रांति बुधवार 15 जनवरी को मनाई जाएगी।

🍂☘इस बार मकर सक्रांति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दूसरे चरण में मकर राशि में सूर्य प्रवेश करेंगे। उस समय चंद्र देव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सिंह राशि में विचरण करेंगे। इस अवधि में शोभन योग व तैतिल करण रहेगा। मकर सक्रांति का वाहन गधर्व यानी गधा उप वाहन मेष यानी बकरी है। सक्रांति का पश्चिम दिशा की ओर गमन एवं वायव्य कोण को देख रही है।

इसके प्रभाव से वायव्य कोण एवं पश्चिम दिशा के राज्यों में कष्ट रहेगा। पक्षी जाति की यह सक्रांति शरीर पर मिट्टी का लेप लगाकर सफेद रंग के वस्त्र पहने हुए हाथ में दण्डा लेकर कास्य पात्र लेकर पकवान खा रही है।

तीस मुहूर्त होने से धन्य पदार्थों गेहूं चना आदि के भाव समान रहेंगे। मकर सक्रांति गधे पर सवार होकर धोबी के घर में प्रवेश कर रही है। बार नाम महोदरी होने से असामाजिक तत्वों द्वारा लूटपाट चोरी की घटनाएं होंगी।

मकर सक्रांति 3 याम व्यापिनी होने से फिल्म जगत क्षेत्र में कष्टकारी रहेगी। शिक्षक बुद्धिजीवी और ब्राह्मणों के लिए मध्यम रहेगी सभी प्रकार के धान किराना वस्तुएं खनिज पदार्थ मादक पदार्थ लकड़ी के बने सामान आदि में लाभदायक शेयर बाजार में तेजी रहेगी। मकर संक्रांति का राशियों पर बाग पर प्रभाव सिंह, मीन, तुला राशि वालों को सोने के पाए में शुभ फलदायक। 🌷कर्क, मेष धनु राशि वालों को चांदी के पाये में विशेष फलदायक।
🌷 मिथुन, कुंभ, वृश्चिक राशि वालों को तांबे के पाए में मध्यम फल दायक और
🌷मकर, वृषभ, कन्या राशि वालों को लोहे के पाए में न्यूनतम फलदायी रहेगी।

मकर संक्रांति का महत्व
माना जाता है कि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से नाराजगी भूलाकर उनके घर गए थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, पूजा आदि करने से व्यक्ति का पुण्य प्रभाव हजार गुना बढ़ जाता है। इस दिन से मलमास खत्म होने के साथ शुभ माह प्रारंभ हो जाता है। इस खास दिन को सुख और समृद्धि का दिन माना जाता है।

जय माँ भुवनेश्वरी

  • पंडित संतोष भार्गव से साभार
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इंदौर