Apr 22 2019 /
9:27 AM

आज से गुप्त नवरात्रि, 14 फरवरी तक रहेगी

5 फरवरी मंगलवार से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रहे है जो आगामी 14 फरवरी तक चलेंगे। हिंदु पंचांग के अनुसार यूं तो हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्र होते हैं जिनमें लोग पूरी भक्ती के साथ घट स्थापना करते हैं लेकिन साल में इन दो नवरात्रों से अलग 2 और नवरात्र भी होते हैं।

ये गुप्त नवरात्र हैं जिनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक गुप्त नवरात्र साल में 2 बार आते हैं एक माघ महीने में और दूसरा आषाढ महीने में। गुप्त नवरात्रों में मां भगवती की गुप्त रूप से पूजा की जाती है और इसलिए इन्हे गुप्त नवरात्र कहा जाता है। सभी शुभ योग होने के कारण इस बार नवरात्र पर विशेष पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति की जा सकती है।

गुप्‍त नवरात्रि में मां भगवती के गुप्त स्वरूप यानी काली माता की गुप्‍त रूप से अराधना की जाती है। नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा की जाती है। वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की पूजा करते हैं। गुप्त नवरात्रि की दसवीं महाशक्ति और महाविद्या देवी कमला यानी लक्ष्मी जी हैं। संपन्नता, खुशहाली, वैभव, सौभाग्य, धन-यश की प्रतीक देवी कमला दसवें स्थान पर हैं। वह परम सौभाग्य प्रदात्री हैं। ये विद्याए हैं- काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी हैं। इस व्रत में मां दुर्गा की पूजा देर रात ही की जाती है।

प्रतिपदा के दिन कलशस्थापना के बाद मां दुर्गा को लाल सिंदूर, लाल चुन्नी चढ़ाई जाती है। इस व्रत में मां दुर्गा की पूजा देर रात ही की जाती है।

नारियल, केले, सेब, तिल के लडडू, बताशे चढ़ाएं और लाल गुलाब के फूल भी अर्पित करें
गुप्त नवरात्रि में सरसों के तेल के ही दीपक जलाएं। ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ का जाप करना चाहिए।

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इंदौर