16 अगस्त को दो बड़े ग्रह सूर्य और मंगल कर रहे है राशि परिवर्तन, जानिए आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा यह परिवर्तन

16 अगस्त रविवार के दिन दो बड़े ग्रह राशि में परिवर्तन कर रहे हैं। सूर्य और मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन बहुत खास है। ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में वापस जा रहे हैं। मंगल ग्रह इस दिन मीन राशि से अपनी राशि मेष में जा रहे हैं और सूर्य कर्क राशि से निकलकर अपना राशि सिंह राशि में जाएंगे। इस परिवर्तन का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, यह बता रहे है आचार्य ब्रम्हचारी पं. नीलेश व्यास, हरिधाम इंदौर।

मेष – राशि से पंचम मूल त्रिकोण में सूर्य का गोचर और  राशि स्वामी मंगल का अपने ही घर में आना आपके लिए आच्छा हें |  कार्य क्षेत्र में प्रभाव वृद्धि होगी। नई कार्य योजनाएं भी फलीभूत होंगी। सरकारी सर्विस हेतु आवेदन करना अतिशुभ रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय और भी अनुकूल है। प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी, किंतु प्रेम संबंधी मामलों में यह गोचरफल अच्छा नहीं रहेगा। शादी विवाह में आ रही अड़चनें दूर होंगी।

वृषभ  -राशि से चतुर्थ भाव में सूर्य का गोचर  राशि से व्यय  भाव में मंगल का गोचर आपके लिए मिलाजुला फल कारक रहेगा। आपकी ऊर्जा शक्ति में बढ़ोतरी होगी और लिए गए निर्णय भी सराहनीय रहेंगे। विदेश यात्रा का भी संयोग बनेगा। किसी संबंधी अथवा मित्र के द्वारा कष्ट कर समाचार के योग। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। भावनाओं में बहकर लिया गया निर्णय नुकसानदेय रहेगा। झगड़े विवाद से दूर रहें और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लेना बेहतर रहेगा। पारिवारिक कलेश से बचना चाहिय सूर्य को जल अर्पित करे

मिथुन -राशि से पराक्रम भाव में सूर्य का गोचर राशि से लाभ भाव में मंगल का गोचर है । किसी भी तरह का बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाहें तो परिणाम आपके पक्ष में रहेगा। आय के साधन भी बढ़ेंगे। राजकीय कार्य का  निपटारा हो सकता हें  और रुका हुआ धन भी वापस मिलने के संकेत। परिवार के बड़े सदस्यों अथवा बड़े भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें। विद्यार्थियों के लिए समय और भी अनुकूल है इसलिए पढ़ाई में और मन लगाएं।

कर्क – राशि से धनभाव में सूर्य का गोचर और  राशि से दशम कर्मभाव में मंगल का गोचर आपके लिए राजयोग का निर्माण कर रहा है इसलिए नौकरी में पदोन्नति एवं नए अनुबंध की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। सरकार के विभागों में सर्विस आदि के लिए आवेदन करना सफल रहेगा किंतु मंगल की नीच दृष्टि आपके स्वास्थ्य के प्रति कुछ चिंता बढ़ा सकती है सावधान रहें। मकान वाहन खरीदने का सपना पूर्ण हो सकता है। मित्रों अथवा संबंधियों से सहयोग के योग।किंतु कई बार अपनी ही कटु वाणी के द्वारा आप बनते हुए कार्य को भी बिगाड़ सकते हैं इसलिए भाषा का प्रयोग बहुत समझ बूझ के साथ करें।

सिंह – आपकी स्वयं की राशि में राशि स्वामी सूर्य का आना और  राशि से भाग्यभाव में मंगल, अतः साहस पराक्रम की वृद्धि तो होगी ही आपके द्वारा लिए गए निर्णय एवं किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। धर्म-कर्म के मामलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। सामाजिक दायित्व बढ़ेगा। किसी भी तरह का चुनाव संबंधी निर्णय लेना चाह रहे हों तो परिणाम आपके पक्ष में रहेगा। किसी भी तरह का नया व्यापार आरंभ करना हो अथवा उच्चाधिकारियों से कार्य संपन्न करवाना हो तो इसके लिए भी बेहतर संयोग। अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना बहुत जरुरी है।

कन्या – राशि से हानि भाव में सूर्य का गोचर, राशि से अष्टमभाव में मंगल का गोचर। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे इसलिए बेहतर रहेगा कि कार्य निपटाए और सीधे घर आयें। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। कोर्ट कचहरी अथवा झगड़े विवाद के मामले बाहर ही सुलझाएं तो बेहतर रहेगा। मंगल की शुभ दृष्टि आपके लिए विषम परिस्थितियों से निपटने में सिद्ध होगी और इसी से अचल संपत्ति के क्रय का योग भी बनेगा।

तुला – राशि से लाभ भाव में सूर्य का गोचर राशि से सप्तम भाव में स्वगृही मंगल कार्य व्यापार के मामले में अति शुभ रहेगा। दैनिक व्यापारियों के लिए तो यह योग वरदान की तरह है किंतु शादी विवाह से संबंधित वार्ता में कुछ विलंब हो सकता है और दांपत्य जीवन में भी कड़वाहट आ सकती है इसलिए इसे ग्रह योग समझकर तूल न दें। शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। बाहर जाने का मन  बना रहे जा सकते है।

वृश्चिक -राशि से कर्म भाव में सूर्य का गोचर, राशि से छठे शत्रु भाव में आपके राशि स्वामी मंगल का अपने ही घर में बैठना आपके लिए अति शुभ सफलता दायक सिद्ध होगा। कोर्ट कचहरी में प्रतीक्षित पड़े मामलों का निपटारा होगा। आपके गुप्त शत्रु भी परास्त होंगे। ननिहाल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें और इस गोचर के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में देने से बचें अन्यथा दिया गया धन वापस आने में संदेह रहेगा। धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करें।

धनु – राशि से भाग्यभाव में सूर्य का गोचर, राशि से पंचम भाव में मंगल का गोचर कई मामलों में आपके लिए बेहतर  होगा किंतु, प्रेम संबंधी मामलों में कुछ विवाद उत्पन्न हो सकता है इसीलिए आपस में अविश्वास न पैदा होने दें। व्यापारियों के लिए आय में वृद्धि होगी और नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने  के भी योग। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मतभेद बढ़ने न दें।

मकर -राशि से अष्टमभाव में सूर्य का गोचर, राशि से चतुर्थ भाव में मंगल का स्वगृही होना यद्यपि कहीं ना कहीं आपको पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति दे सकता है किंतु, मकान वाहन के क्रय का सपना भी पूरा हो सकता है। अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। मित्रों अथवा संबंधियों से सहयोग मिलेगा। इस अवधि में केंद्र अथवा राज्य सरकार के संबंधित विभागों से कोई भी बड़े से बड़ा कार्य करवाना हो अथवा अनुबंध करना हो तो अवसर अनुकूल है। विदेशी कंपनियों में भी सर्विस आदि के लिए आवेदन करना सफल रहेगा।

कुंभ – राशि से सप्तम भाव में सूर्य का गोचर, राशि से पराक्रम भाव में मंगल का गोचर आपके लिए अति शुभ फलदाई रहेगा किंतु, ध्यान रहे, इस अवधि में आर्थिक हानि की भी संभावना भी रहेगी अतः किसी को भी अधिक धन देने से बचें अन्यथा वह आपके अति आवश्यक समय में वापस नहीं मिलेगा। कार्यक्षेत्र का भी विस्तार होगा। आपके द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना भी होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। विदेशी नागरिकता के लिए वीजा आदि का आवेदन करना सफल रहेगा। अपने साहस के बल पर कठिन हालात पर भी विजय प्राप्त करेंगे।


मीन -राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर राशि से धनभाव में स्वगृही मंगल का आना किसी महंगी वस्तु का क्रय कराएगा।

मकान अथवा वाहन के खरीदने का संकल्प भी पूर्ण हो सकता है। आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा और काफी दिनों का प्रतीक्षित दिया हुआ धन वापस मिल सकता है, प्रयास करें। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं और स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। परिवार में अलगाव पैदा न होने दें। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। प्रतियोगिता में भी अच्छी सफलता के योग है।

साभार- प्रयास न्यूज

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