31 अक्टूबर शरद पूर्णिमा को 36 आचार्य, 36 मुनिराज और 36 गणीनीय आर्यिका एक साथ एक समय पर 11000 बच्चों को देंगे गुरु मंत्र, दिगम्बर जैन समाज के इतिहास में पहली बार अनूठा आयोजन

इंदौर। आगामी 31 अक्टूबर शरद पूर्णिमा के दिन दिगम्बर जैन समाज के इतिहास में पहली बार सामूहिक आनलाइन गुरु मंत्र का अनूठा आयोजन होने वाला है।

यह जानकारी देते हुए पत्रकार वार्ता में गणधराचार्य कुंथुसागर जी महाराज, आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज, आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी महाराज और आचार्य श्री गुणधर नंदी जी महाराज ने बताया की शरद पूर्णिमा को यह आयोजन आनलाइन होगा।

इसमें एक समय पर एक साथ 11000 बच्चों को गुरु मंत्र दिया जाएगा। इसमें न्यूनतम 8 वर्ष या इससे अधिक आयु के बालक-बालिका या युवक-युवती शामिल हो सकते है।

आपने आगे बताया की इस आयोजन में मुख्य आकर्षण का केंद्र यह रहेगा की 36 आचार्य, 36 मुनिराज और 36 गणीनीय आर्यिका माताजी द्वारा सभी बच्चों को गुरु मंत्र दिया जाएगा। इस अवसर पर 111 प्रतिष्ठाचार्य के निर्देशन में पूरा आयोजन सम्पन्न होगा।

इस अवसर देश के 16 प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र का एक साथ महामस्तकाभिषेक और वहा के दर्शन का भी लाभ आनलाइन कराया जाएगा। दोपहर 2 बजे से आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी महाराज द्वारा रचित सरस्वती विधान होगा।

इसके पश्चात शाम 6 बजे से सरस्वती साधना आयोजन शुरू होगा। देश के लगभग सभी राज्य में रहने वाले जैन धर्मावलंबी के साथ विदेश में रहने वाले समाजजन इस आयोजन से सीधे जुड़ेंगे। इसमें जिन बच्चों को पहले संस्कार (गुरु मंत्र) दिया जाएगा, उसके पहले उनके माता-पिता का सम्मान उन्ही के बच्चों के द्वारा किया जाएगा।


इन उद्देश्य की पूर्ति के लिए हो रहा अनूठा आयोजन
आपने आगे बताया की इस आयोजन को इसलिए आयोजित किया जा रहा है। इससे समाज की नयी पीड़ी को संस्कारमय बनाना, विद्यार्थी जीवन की सफलता, उज्ज्वल भविष्य, व्यापार, परीक्षा में सफलता, आरोग्य यश सहित अन्य उद्देश्य को लेकर आयोजन किया जा रहा है।

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