सामान्य लोगों को प्रदोष काल मे करना चाहिए दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन, जानिए पूजन के मुहूर्त

धन, वैभव, समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के प्राकट्य का पर्व दीपावली 27 अक्तूबर, रविवार को पूरे देश मे धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन घर घर मे लक्ष्मी की स्थिरता के लिए देवताओं के कोषाध्यक्ष धन एवं समृद्धि के स्वामी कुबेर का पूजन होगा।

आइए जानते है दीपावली पर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर पूजा के शुभ मुहूर्त
जानकारों के अनुसार आम आदमी को लक्ष्मी पूजा को प्रदोष काल के दौरान किया जाना चाहिए जो कि सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है।

कुछ लोग लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशिता काल भी बताते हैं लेकिन यह महानिशिता काल तांत्रिक समुदायों और पण्डितों, जो इस विशेष समय के दौरान लक्ष्मी पूजा के बारे में अधिक जानते हैं, उनके लिए यह समय ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।

लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रदोष काल के दौरान माना जाता है जब स्थिर लग्न प्रचलित होती है। यह मान्यता है कि अगर स्थिर लग्न के दौरान लक्ष्मी पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। इसीलिए लक्ष्मी पूजा के लिए यह समय सबसे उपयुक्त होता है।

वृषभ लग्न को स्थिर माना गया है और दीवाली के त्यौहार के दौरान यह अधिकतर प्रदोष काल के साथ अधिव्याप्त होता है। अमावस्या तिथि 27 अक्टूबर 2019 को दोपहर 12 बजकर 23 मिनिट पर शुरू होगी जो 28 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनिट पर खत्म होगी।

ये है मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा प्रदोषकाल मुहूर्त = 6:57 शाम से रात 8:21 तक।
प्रदोष काल = शाम 5:48 से रात 8:21बजे तक।
वृषभ काल = शाम 6:57 से रात 8:55 तक।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त = महानिशिता काल
रात 11:45 से 12:36 तक (स्थिर लग्न के बिना)

लक्ष्मी पूजा के लिये शुभ चौघड़िया मुहूर्त


अपराह्न मुहूर्त (शुभ) = दोपहर 1:35 से 3:00 बजे तक।
सायंकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) = शाम 5:48 से रात 10:35 तक।

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इंदौर