11 दिसंबर 2020 से शुक्र वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, आइये देखते है यह आपके जीवन में किस तरह का परिवर्तन लाएगा

ॐ भृगुपुत्राय विद्महे श्वेतवाहनाय धीमहि |
तन्नः शुक्रः प्रचोदयात ||

11 दिसंबर 2020 से शुक्र वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, आइये देखते है यह आपके जीवन में किस तरह का परिवर्तन लाएगा और आपकी राशि पर इस का क्या प्रभाव रहेगा उसे वर्णित किया जा रहा है |

मेष राशि :- अपने शत्रु मंगल की वृश्चिक राशि पर स्थित शुक्र के प्रभाव से जातक को स्त्री तथा व्यवसाय के पक्ष में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है | साथ ही धन की कमी बनी रहती है, परन्तु उसे पुरातत्व एव आयु की शक्ति विशेष रूप से प्राप्त होती है | कठिन परिश्रम के साथ जातक के धन एव कुटुंब की वृद्धि होती है | ऐसा जातक अपने परिश्रम एव चतुराई से प्रतिष्ठा भी प्राप्त करता है |

वृष राशि :- मंगल की वृष्चिक राशि पर स्थित षष्ठेश शुक्र के प्रभाव से जातक को स्त्री के पक्ष से वैमनस्य एव परेशानी बनी रहती है | परन्तु व्यवसाय के क्षेत्र में शारीरिक परिश्रम एव कठिनाइयों के साथ सफलता मिलती है | चातुर्य, गुप्त युक्ति एव परेशानियों के साथ इन्द्रिय भोगादि में भी सफलता प्राप्त होती है | जातक के शरीर में कुछ रोग बना रहेगा, परन्तु लौकिक कार्यो को करने में वह बड़ा दक्ष होगा |

मिथुन राशि :- शत्रु पक्ष में अपनी बुद्धिमता, चतुराई एव खर्च करने की शक्ति से सफलता प्राप्त होती है | झगड़े मुक़दमे रोग आदि में विशेष खर्च करना पड़ता है | गुप्त चतुरइयो से काम निकालने तथा बाहरी स्थानो के सबंध से लाभ उठाने में जातक कुशल होता है | इसके साथ ही जातक को सन्तानपक्ष से बाधा उत्पन्न होती है तथा विद्या अध्धयन के क्षेत्र में भी कठिनाइया आती है | जातक का खर्च खूब अधिक बना रहता है |

कर्क राशि :- विद्या बुद्धि तथा संतान का यथेष्ठ लाभ होता है | वह धन, सुख, सफलता एव चातुर्य को प्राप्त करता है | बुद्धि बल द्वारा जातक को धन का यथेष्ठ लाभ होता है | साथ ही उसे माता, भूमि भवन आदि का सुख भी प्राप्त होता रहता है | ऐसा जातक बड़ा समझदार, वार्तालाप करने में कुशल तथा प्रतिष्ठित होता है |

सिह राशि :- अपने शत्रु मंगल की राशि पर स्थित शुक्र के प्रभाव से जातक को माता के द्वारा सामान्य मतभेद के साथ सुख एव शक्ति प्राप्त करता है | और उसे भूमि, भवन आदि का लाभ होता है | पिता, राज्य एव व्यवसाय के पक्ष से सुख, धन सफलता, सहयोग एव सम्मान का लाभ होता है | ऎसे जातक को भाई -बहन का सुख भी मिलता है तथा उसका रहन -सहन रईसी का होता है |

कन्या राशि :– अपने शत्रु मंगल की वृश्चिक राशि पर स्थित भाग्येश शुक्र के प्रभाव से जातक को भाई -बहन का सुख प्राप्त होता है तथा पराक्रम में वृद्धि होती है | पराक्रम के द्वारा वह अपने धन एवं कुटुंब की वृद्धि भी करता है | जातक के भाग्य एव धर्म की बहुत वृद्धि होती है | ऐसा जातक सुखी, धनि धार्मिक तथा भाग्यवान होता है |

तुला राशि :- शुक्र के प्रभाव से धन-संचय के लिए विशेष परिश्रम करना पड़ेगा | तथा कुटुंब का सुख भी प्राप्त होगा | धन-संचय तथा कुटुंब सुख में कुछ परेशानिओ का सामना करना पड़ेगा | स्वास्थ्य एव पुरातत्व की शक्ति का लाभ होगा | इस वक्त आप अमीरी ढंग का जीवन बिताएंगे तथा प्रतिष्ठा प्राप्त होगी |

वृश्चिक राशि :- शरीर में कुछ कमजोरी महसूस करेंगे आप प्रभावी शैली, चतुर तथा कार्यकुशल भी होगे | स्त्री तथा व्यवसाय के पक्ष में सफलता प्राप्त होगी तथा सामान्य कठिनाइयों का सामना भी करना भी पड़ सकता है |

धनु राशि :- खर्च अधिक रहेगा बाहरी स्थानो के सबंध से लाभ भी हो सकता है | झगड़े झंझटो के कारण कुछ परेशानिया उठानी पड सकती है | परन्तु अपने गुप्त चातुर्य बल से आप लाभ उठालेगे | शत्रु पक्ष पर प्रभाव बना रहेगा तथा सामान्य लाभ प्राप्त करेंगे |

मकर राशि :- आमदनी में वृद्धि होगी साथ ही पिता राज्य एव व्यवसाय के पक्ष में भी सफलता प्राप्त होगी | संतान पक्ष से सफलता मिलेगी तथा विधा बुद्धि के क्षेत्र में सफलता मिलेगी आप अपनी विद्या, गुण एव योग्यता के बल पर आदर, सम्मान तथा लाभ मिल सकता है | इस समय आप हुकूमत पसंद व प्रभावशाली भी होगे |

कुम्भ राशि :- पिता से लाभ, राज्य से पर्याप्त सम्मान एव व्यवसाय से बड़े लाभ की प्राप्ति हो सकती है | समाज में प्रतिष्ठा, धार्मिक तथा यश प्राप्त होगा | माता भूमि मकान आदि का सुख प्राप्त होगा | इस समय ठाठ-बाट बना रहेगा तथा विविध प्रकार के सुखो का उपभोग करेंगे |

मीन राशि :- इस समय आप धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे | तथा भाग्य उन्नति एव यश वृद्धि में कठिनाइया आ सकती है | दैनिक जीवन आनंदपूर्ण बना रहेगा | आयु एव पुरातत्व की श्रेष्ठ शक्ति प्राप्त होगी | भाई -बहनो के सुख में कमी रहेगी | पराक्रम में अत्यधिक वृद्धि होगी तथा पुरुषार्थ के बल पर ही अपनी उन्नति के लिए प्रयत्नशील रहेंगे |

उपाय :-

  1. शुक्रवार के दिन कन्याओ के लिए मिठाई, टॉफी , चॉकलेट आदि भेट करे |
    2.इत्र, खुशबु, कपूर का दान करे और इन्हे खुद भी इस्तेमाल करे |
  2. शिवजी को पंचामृत से स्नान कराए |
  3. रेशमी वस्त्र किसी गरीब कन्या के विवाह में भेट करे |
    विशेष
    उक्त जानकारी सूचना मात्र है, किसी भी निष्कर्ष पर पहुचने से पहले कुंडली के और भी ग्रहो की स्थिति, बलाबल को भी ध्यान में रख कर तथा किसी योग्य ज्योतिर्विद से परामर्श कर ही किसी भी निर्णय पर पहुचना चाहिए |
Spread the love

इंदौर