झारखंड में मानव तस्‍करी के खिलाफ जागरुकता फैलाने गईं एनजीओ कार्यकर्ताओं से गैंगरेप

रांची  :झारखंड में मानव तस्‍करी के खिलाफ जागरुकता फैलाना गैर-सरकारी संगठन (NGO) के कार्यकर्ताओं के लिए बेहद भारी पड़ गया। वे खूंटी जिले में माइग्रेशन और मानव तस्‍करी को लेकर लोगों को जागरूक करने पहुंचे थे, लेकिन यहां उनके साथ ऐसी शर्मनाक व दुखद वारदात हुई कि वे जीवनभर शायद ही इस पीड़ा को नहीं भूल पाएं।

इस मामले में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि उन्‍होंने संदिग्‍धों की पहचान कर ली है और उनकी धड़-पकड़ के लिए अभियान चलाया गया है।  पुलिस ने गुरुवार को इस संबंध में FIR दर्ज की। रांची के DIG अमोल वी होमकर ने बताया कि खूंटी जिले के कोचंग गांव में हुई इस वारदात की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।

शुरुआती जांच के आधार पर इसमें राज्‍य के जनजातीय गांवों में पथालगढ़ी आंदोलन से जुड़े लोगों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्‍होंने अपनी ग्राम सभाओं को ही संप्रभु प्राधिकार घोषित कर रखा है और अपने इलाके में ‘बाहरी’ लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है। अपनी शिकायत में एक पीड़‍ित ने भी कहा है कि उन्‍हें भविष्‍य में उस इलाके में बगैर अनुमति के प्रवेश नहीं करने की धमकी दी गई।

NGO कार्यकर्ता मंगलवार को गांव में मानव तस्‍करी को लेकर जागरुकता फैलाने के मकसद से नुक्‍कड़ नाटक कर रहे थे, जब कुछ अज्ञात लोगों ने उन्‍हें अगवा कर लिया और उनके साथ सामूह‍िक दुष्‍कर्म तथा मार-पीट की। इस दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से उनकी फिल्‍में भी बना ली। पीड़‍ितों का कहना है कि उन्‍हें करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

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