Mar 20 2019 /
4:55 AM

पंद्रह मिनट में ग्यारह बार बोल्ड…

गौरीशंकर दुबे
इंदौर।
बुधवार की शाम होलकर स्टेडियम में अनिल कुंबले, कपिल देव स्टैंड वाले छोर पर कर्नाटक की टीम ने लाल और काली मिट्टी की अलग-अलग पिच पर अभ्यास किया।

इंग्लैंड के खिलाफ चेपक स्टेडियम में कभी तीन सौ रन ठोक चुके करुण नायर लाल माटी की पिच पर पंद्रह मिनट में ग्यारह बार बोल्ड हुए।

दरअसल मजे की बात यह है कि गेंदे ना तो मीडियम पेसरों की थीं, ना हीं स्पिनरों की बल्कि कोचिंग स्टाफ के सदस्य की थी जो करुण के कुल पंद्रह-सत्रह कदम दूर अंडर-आर्म लॉलीपॉप गेंद फैंक रहे थे।

जिन गेंदों पर करुण आगे बढ़कर बड़े शॉट मारने जा रहे थे। उनकी गति धीमी थी और आंशिक टर्न भी था। करुण आगे बढ़कर बैट को हवा में घुमाते, बैट पहले घूम जाता, गेंद बाद में आती।

नेट्स के बाद करुण के जवाब

”नेट्स पर बार-बार इसलिए बोल्ड हो रहा था, क्योंकि एनर्जी लेवल डाउन हो गया था। अधकचरे मन से खेल रहा था। एक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर को ऐसा नहीं करना चाहिए, मैं तो फन कर रहा था।’’

”टेस्ट क्रिकेट में हर मैच में तीन सौ तो क्या सौ भी नहीं बनाए जा सकते। दुनिया के किसी भी स्तर के क्रिकेट में कोई खिलाड़ी पिच पर जाने के बाद यह नहीं कह सकता कि कितने रन बनाएगा।

मैं टीम इंडिया में वापसी के लिए लगातार कोशिश कर रहा हूं।’’
”अब भारत में क्रिकेट में इतनी कॉम्पिटीशन हो गया है कि टीम में वापसी करना बहुत कठिन होता है।

मुझे मल्टी-डे क्रिकेट बहुत पसंद है। इंदौर किंग्स इलेवन पंजाब और मेरा दूसरा होम ग्राउंड है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बीस ओवर के क्रिकेट के लिए मैं कोई भविष्यवाणी कर दूं।

यदि महाराष्ट्र की टीम बारह में से ग्यारह मैच जीतकर फाइनल में आई है तो मुकाबला टक्कर का होगा। यदि आप में काबिलियत है तभी आप ट्रॉफी जीत सकते हैं। यह डोमेस्टिक क्रिकेट का आखिरी मैच है और दोनों टीम की तैयारी खास है।’’

”इस टूर्नामेंट की शुरुआत में जब हमने मुंबई को एकतरफा हराया तो यह अच्छी शुरुआत थी और मनोबल बढ़ाने वाली थी, क्योंकि जब आप मुंबई जैसी टीम को हराते हैं तो आत्मबल बढ़ता ही है। वास्तव में वह मैच हम जीतना भी चाहते थे। हमारे गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन गेंदबाजी की है।’’

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इंदौर