Apr 18 2019 /
5:54 PM

पुलिस यातना से बचने के लिए IPL स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात कबूली थी- श्रीसन्त

दिल्ली। बुधवार को भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी शांताकुमारन श्रीसंत ने सर्वोच्च अदालत से कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की यातना से बचने के लिए 2013 में IPL स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात कबूली थी। श्रीसंत ने जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच को बताया कि दलालों ने उन्हें स्पॉट फिक्सिंग में घसीटने की कोशिश की थी लेकिन वह इसमें फंसे नहीं थे।

श्रीसंत पर इस विवाद के चलते आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है। श्रीसंत की बात को साबित करने के लिए उनके वकील ने श्रीसंत और बुकी (सटोरिए) के बीच मलयालम में हुई बातचीत का अनुवाद अदालत को बताया।

अदालत ने इस पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से जवाब मांगा है। साथ ही पूर्व खिलाड़ी द्वारा दिए गए दस्तावेजों पर भी जबाव देने को कहा है।श्रीसंत की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने कहा कि श्रीसंत पर तौलिए के जरिए स्पॉट फिक्सिंग करने का आरोप है लेकिन तौलिया मैदान पर हर खिलाड़ी रखता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में काफी कुछ कहा जा चुका है। अदालत ने श्रीसंत से पूछा कि बुकी द्वारा संपर्क करने की बात को उन्होंने बीसीसीआई को क्यों नहीं बताया। अदालत ने साथ ही कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि मैदान पर श्रीसंत का व्यवहार गलत था।

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इंदौर