बड़ा मोड़, अलवर में मॉब लीचिंग नहीं, पुलिस हिरासत में हुई मौत

राज्य सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
जयपुर। राजस्थान के अलवर में कथित मॉब लीचिंग से मौत मामले में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस हिरासत में अकबर को मौत की बात सामने आने के पश्चात राज्य सरकार ने घटना की न्यायिक जांच आदेशित कर दी है।

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अलवर मामलें में अकबर उर्फ रकबर खान की मौत पुलिस हिरासत में हुई है और इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी।

अलवर में घटना स्थल का जायजा लेने के बाद कटारिया ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मामलें में साक्ष्यों से पता चलता है कि अकबर उर्फ रकबर की मौत पुलिस हिरासत में हुई है और सरकार इसकी न्यायिक जांच कराएगी।

उन्होंने कहा कि हमने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को इस मामलें की जांच शुरू करने के लिए लिखा है। गृहमंत्री ने कहा कि मैंने पीड़ित के परिजनों मुलाकात भी की है और परिवार वालों ने बताया कि वे अबतक की गई कार्रवाई से संतुष्ट हैं।

गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मैंने उन्हें कहा है कि जब भी वो मिलना चाहते हैं आकर मिले. अगर उन्हें घटना के बारे में अधिक जानकारी देनी है तो वो भी दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत के मामलें में पीड़ित परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे का निर्णय जिला स्तरीय विधिक कमेटी द्वारा लिया जाता है।

ऐसे मामलों में जिला सत्र न्यायाधीश निर्णय लेउन्होंने कहा कि इसी तरह पहले भी पहलू खान के साथ मारपीट के मामले में राज्य सरकार ने 1.25 लाख रुपए का मुआवजा मृतक खान के परिजनों को दिया था। उसके बाद मुआवजा जिला विधिक कमेटी की अनुशंसा के आधार पर दिया जाता है।

अलवर के रामगढ़ में गौतस्करी के शक में हुई मॉब की घटना पर स्थानीय बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था।

उन्होंने कहा था कि मारे गए अकबर खान की मौत कार्यकर्ताओं की पिटाई से नहीं हुई बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई थी. इसके बाद राज्य सरकार ने स्पेशल डीजी लॉ एंड आर्डर एनआरके रेड्डी के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों की एक टीम घटना स्थल का दौरा करने के लिए भेजी थी।
गौरतलब है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुँचा है।

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इंदौर