Sep 24 2019 /
2:16 PM

गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को उम्र कैद की सजा

जामनगर। गुरुवार को गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को जामनगर की कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई। भट्ट को 1990 में पुलिस हिरासत में एक व्‍यक्ति की मौत के मामले में यह सजा सुनाई है। उल्लेखनीय हैं कि 1990 में जामनगर में भारत बंद के दौरान हिंसा हुई थी तब वे जामनगर के एएसपी थे। इस दौरान 133 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिनमें 25 लोग घायल हुए थे और आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

न्यायिक हिरासत में रहने के बाद एक आरोपी प्रभुदास माधवजी वैश्नानी की मौत हो गई थी। भट्ट और उनके सहयोगियों पर पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप लगा था। इस मामवे में संजीव भट्ट व अन्य पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया था, लेकिन गुजरात सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी।

2011 में राज्य सरकार ने भट्ट के खिलाफ ट्रायल की अनुमति दे दी। आज कोर्ट ने बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और उनके सहयोगी को दोषी करार दिया।

संजीव भट्ट सोशल मीडिया पर विवादित ट्वीट्स करने के लिए भी चर्चा में रहते है। उनके ट्वीट्स अक़्सर विवाद का विषय बनते थे। उनकी पत्नी ने उनके जेल जाने के बाद मोदी सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि मोदी के पीएम बनने के बाद से ही उन पर कार्रवाई शुरू हो गई

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