महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर लगा प्रतिबन्ध

मुम्बई। महाराष्ट्र में शनिवार से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लग गई है। अब किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के इस्तेमाल, भंडारण या उत्पादन करते पाए जाने पर जुर्माना ठोका जाएगा। मुंबई समेत राज्यभर में इसके लिए छापेमारी शुरू की जाएगी। इससे पहले, प्लास्टिक के पर्याप्त विकल्प न होने के चलते पैकेजिंग समेत कुछ अन्य उत्पादों में राहत देने की पुरजोर मांग व्यापारियों की ओर से की जा रही थी। राहत की अवधि समाप्त होने के बाद यह उम्मीद टूट गई।

छोटे व्यापारियों ने मैन्युफैक्चरिंग स्तर पर बड़ी कंपनियों की तर्ज पर छूट न मिलने को अन्याय बताया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्लास्टिक बंदी में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। महाराष्ट्र सरकार ने अदालत को बताया कि उसने सभी स्थानीय प्राधिकारियों से प्लास्टिक की प्रतिबंधित वस्तुओं और प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, ढुलाई और निपटारे की व्यवस्था करने के लिए एक तंत्र बनाने को कहा है।
ये है मामला
सरकार ने 23 मार्च को एक बार इस्तेमाल होने वाली थैलियों, चम्मच, प्लेट, थर्माकोल वस्तुओं समेत प्लास्टिक की सभी सामग्रियों के निर्माण, इस्तेमाल, बिक्री, वितरण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना को मनमाना प्रतिबंध, कानूनन गलत और आजीविका के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने वाला बताकर चुनौती दी गई थी। अदालत ने गत अप्रैल में निकाली गई अधिसूचना पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया था।

इन पर है प्रतिबंध

प्लास्टिक से बने हैंडल/बिना हैंडल की थैलियां, स्ट्रॉ
एक बार उपयोग वाली प्लास्टिक की थाली, कटोरी, गिलास, कांटे, छुरी-चम्मच, बर्तन, डिब्बे
होटेल्स, रेस्तरां और सभी किस्म के फूड स्टॉलों के खाद्य वस्तुओके पार्सल देने के बर्तन
नॉन ओवन पॉलीप्रॉपिलीन बैग
चाय आदि ले जाने के पाउच व कप।

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