स्वदेशी के माध्यम से हमे आत्मनिर्भर भारत बनाना होगा, एमआईटी-एडीटी के फेसबुक लाइव वेबीनार में बोले नितिन गडकरी

पुणे। कोरोना संक्रमण के संकट के चलते आज विश्व के ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था समस्याओं से घिर गई है। भारत के हालात भी कमोबेश यही है, लेकिन हर समस्या एक अवसर भी होती है। इस महामारी ने हमें आत्मनिर्भर होने का अवसर दिया है, इसलिए हम भविष्य में उचित नियोजन करते हुए स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल बढ़ाने पर बल देंगे। स्वदेशी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल यही हमारे विकास का मूलमंत्र होगा।


यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन तथा जलसंसाधन और नदी विकास मंत्री नितिन गडकरी ने कही। वे यहाँ एमआईटी-आर्ट , डिजाइन टेक्नोलॉजी विश्व विद्यालय, राजबाग , लोणी कालभोर की ओर से आयोजित फेसबुक लाइव वेबीनार के आयोजन में बोल रहे थे। इस अवसर पर एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष प्रो. डॉ .मंगेश कराड, एमआईटी एसओएचडी की डॉ जयश्री फडणीवस आदि उपस्थित थे।


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस समय कोरोना की महामारी ने पूरे विश्व को अपनी आगोश में ले लिया है। इससे बाहर निकलने के लिए विश्व के सभी देश अपनी ओर से जंग लड़ रहे है, लेकिन इसके लिए हर एक को सकारात्मकता से विचार करना होगा। आज देश में कई जगह मजदूर पैदल ही अपने गांव जा रहे है।

उनमें भी आत्मविश्वास जगाने की आवश्यकता है। इस समय युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के गुणों को उंचा उठाना होगा। गडकरी ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते आज देश की अर्थव्यवस्था का पहिया रुका हुआ है।

भविष्य में इसे गति दिलाने के लिए उद्योग – व्यवसायों को गति देनी होगी। इस काम लिए देश के विश्वविद्यालय आगे आए और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयास करें। आज उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए भारत से कई छात्र विदेश जाते है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। इन छात्रों को फिर से देश की ओर मोड़ने के लिए देश के सभी विश्वविद्यालयों को और भी उन्नत होना होगा।


एमआईटी – एडीटी के कार्याध्यक्ष डॉ . मंगेश कराड ने कहा कि , एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय ने अत्याधुनिक तकनीक और आध्यात्मक का समन्वय कराते हुए पाठ्यक्रमों को तैयार किया है। शारीरिक क्षमताओं का विकास कर भावी पिढी को तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय प्रयास कर रहा है। संवाद कौशल , भाषा कला तथा डिजाइन के माध्यम से छात्रों को तैयार किया जा रहा है।


एमआईटी – एडीटी विश्वविद्यालय की ओर से पिछले तीन वर्षों से सर्वांगीण विकास कराने वाली शिक्षा दिलायी जा रही है , ऐसी जानकारी डॉ मंगेश कराड ने दी।

Spread the love

इंदौर